अमर उजाला ब्यूरो
चंबा।
चंबा में चरस तस्करी के तीन मामलों में बुधवार को आरोपियों को सजा सुनाई गई। पुलिस ने चरस तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों में तीन को गिरफ्तार किया था।
पहले मामले में विशेष न्यायाधीश चंबा योगेश जसवाल की अदालत ने चरस तस्करी करने के मामले में कर्म दीन पुत्र अकरम निवासी गांव चुला डाकघर गनेड़ तहसील चुराह जिला चंबा को चार साल का कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने की सूरत में कर्मदीन को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा। जिला न्यायवादी चंबा संजीव कटोच ने बताया कि 27 अप्रैल 2014 को पुलिस टीम जब घराट नाला के समीप गश्त पर थी तो उसी दौरान एक बाइक सवार घराट नाला की ओर से आया। पुलिस ने बाइक सवार को रोका और उससे पूछताछ की, तलाशी लेने पर उसके उसके बैग से 914 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। जिसका फैसला बुधवार को अदालत ने सुनाया।
वहीं दूसरे मामले में विशेष न्यायधीश-2 पारस डोगर की अदालत ने पवन कुमार पुत्र बेली राम निवासी ओथल डाकघर साहो को चरस तस्करी के मामले में चार साल का कारावास व बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने की सूरत में चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला सहायक न्यायवादी चंबा करनैल सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 को जब पुलिस टीम आधी रात को पाडला चौक के समीप गश्त पर थी तो एक व्यक्ति सिल्लाघ्राट चौक की तरफ से आया और पुलिस को देखकर घबराया गया। पुलिस ने उसको पकड़ लिया और उसके कब्जे से 724 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने पवन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया और कोर्ट में चालान पेश किया। बुधवार को इस मामले को लेकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
वहीं तीसरे मामले में विशेष न्यायधीय चंबा-2 पारस डोगर की अदालत ने चरस तस्करी करने को लेकर मनीष कुमार पुत्र रजिंद्र सिंह निवासी गांव पलेई तहसील व जिला चंबा को दो साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला उपन्यायवादी चंबा कंवर उदय सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 2013 का है। उक्त व्यक्ति चंबा से शिमला जा रही सरकारी बस में सवार था। पुलिस ने उदयपुर वर्षाशालिका के समीप बस को चेकिंग के लिए रोका। इस दौरान उक्त व्यक्ति के बैग से पुलिस को साढ़े चार सौ ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया। बुधवार को इस मामले को लेकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।