चंबा। जिले में जंगलों की आग से लाखों की वन संपदा स्वाह हो रही है। हालत यह है कि जंगलों में नुकसान के बाद अब आग रिहायशी क्षेत्रों के लिए भी खतरा बन गई है। दुर्गम क्षेत्रों में दमकल केंद्र न होने के कारण लोग और वन विभाग की टीमें अपने स्तर पर ही आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि विभाग के कर्मी दिन रात आग बुझाने में लगे हैं। मगर फिर भी आग इतनी भयावह हो चुकी है जंगल में हरे भरे पेड़ों के साथ साथ रिहायशी क्षेत्रों के लिए भी खतरा बन चुकी है।
वन विभाग के अनुसार पर्यटन नगरी डलहौजी में वन महकमे का परिक्षेत्र छह स्कवेयर मीटर में फैला हुआ है। अब तक क्षेत्र की तीस बीटों के जंगलों में आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, चंबा मंडल के जंगलों में लगने वाली आग से एक लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। वन विभाग के चंबा मंडल के तहत दो प्लांटेशन एरिया में आग लगने से दो हजार पौधे स्वाह हो गए। एक प्लांटेशन क्षेत्र में 1200 तो दूसरे में 800 पौधे जलने की सूचना है।
गौरतलब हो कि जंगलों में शरारती तत्वों आग लगा रहे हैं और यह जीव-जंतुओं की अनमोल जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। इसके अलावा लाखों की वन संपदा भी जंगल की आग के कारण जलकर राख हो रही है। बावजूद इसके अभी भी लोग जंगलों को आग के हवाले करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। कुल मिलाकर लोगों की नासमझी से लाखों का नुकसान तो हो रहा है साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
भटालवां के जंगल में भयंकर आग
रविवार को भटालवां के साथ लगते जंगल में भयंकर आग लगी हुई थी। जंगल में लगी आग की सूचना मिलते ही डीएफओ चंबा संजय शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचें। इसके अलावा अग्निशमन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। वन विभाग और अग्निशमन विभाग की टीम कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जंगल की आग पर काबू पाया। मगर उस समय बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ और वन्य जीव इस आग की भेंट चढ़ चुके थे।
चनेड़ और कंगोरा में जंगल की रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ी
शरारती तत्वों ने चनेड़ और कंगोरा जंगलों को भी आग के हवाले कर दिया है। इससे देखते ही देखते जंगल की आग लोगों की घासनियों को जलाते हुए रिहायशी क्षेत्र की तरफ बढ़ रही है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग की टीम को इस बारे में सूचित किया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने लोगों की मदद से मिलकर जंगलों की आग को बुझाने का कार्य शुरु किया। कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन विभाग के जवान जंगलों की आग पर काबू पाने में सफल हो पाए।
सिहुंता के जंगलों में आग का तांडव, लोग खौफजदा
सिहुंता (चंबा)। तहसील सिहुंता के परिक्षेत्र में वन परिक्षेत्र धू-धू कर जल रहे हैं। इसके चलते क्षेत्र में जहां वन संपदा को नुकसान हो रहा है तो वहीं गर्मी भी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले करीब तीन दिन से यहां के जंगलों में आग का तांडव जारी है। इसके चलते जंगलों में विचरण करने वाले पशु और पक्षिओं का जीवन संकट में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिहुंता में कोई अग्निशमन केंद्र भी नहीं है। ऐसे में वन विभाग के वन रक्षक ही आग बुझाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
लोगों के मुताबिक एक बार जब आग लग रही है तो काफी दायरा चपेट में ले रही है। इससे पूरा जंगल जल रहा है। जानकारी के अनुसार तहसील सिहुंता के तहत आते छलाड़ा, धारटा, लोदरगढ़, शराली, घट्टू, छगाड़ू, मनमसी और पडवाल के जंगलों में आग का दौर जारी है। स्थानीय निवासी करण सिंह, उत्तम दास, नेक सिंह, देसराज, रिंकू राम, बलवंत सिंह, विकेश कुमार, अशोक कुमार, राम सिंह, प्रवीण कुमार, देवी चंद, प्रताप चंद और सन्नी कुमार ने बताया कि जंगल में आग लगने से वातावरण खराब हो रहा है।
उन्होंने बताया कि जंगलों में लग रही आग का सबसे ज्यादा खतरा रिहायशी इलाकों को है। जंगलों में लग रही आग से सिहुंता क्षेत्र के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वन विभाग के आरओ मनोज कुुमार का कहना है कि वन विभाग के सभी कर्मचारी अलर्ट है। उन्होंने कहा कि टीमों का गठन कर लिया गया है। जो वन परिक्षेत्र में निरीक्षण भी कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछेक जंगलों में शरारती तत्व आग लगा रहे है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आग लगाते अगर कोई व्यक्ति दिखता है तो उसकी सूचना तुरंत दी जाए।
डीएफओ डलहौजी राकेश कटोच ने बताया कि डलहौजी परिक्षेत्र के तहत आती 30 बीटों में अब तक जंगलों में शरारती तत्वों ने आग लगाई है। इन्हें समय रहते विभागीय जवानों ने बुझा लिया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि अगर कोई जंगल में आग लगाते हुए दिखता है तो उसकी सूचना विभाग को दे। कहा कि सूचना देने वाले ग्रामीण का नाम गुप्त रखा जाएगा।
डीएफओ चंबा संजीव शर्मा ने बताया कि चंबा मंडल के तहत अब तक जंगलों में लगने वाली आग से एक लाख का नुकसान विभाग को हो चुका है। उन्होंने कहा कि दो प्लांटेशन एरिया में दो हजार पौधे जंगल की आग में जल गए हैं।