कपिल डोगरा
चुवाड़ी (चंबा)। भटियात उपमंडल के तहत पंचायत काहरी में भू-संरक्षण कार्यों को लेकर हुए गड़बड़झाले के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि गठित समिति में चार ऐसे लोगों को समिति में किया गया जिनकी पहले ही मौत हो चुकी है। इस खुलासे के बाद समिति के अन्य पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है। इस मामले की जांच बीडीओ भटियात डॉ. बशीर खान कर रहे हैं। विकास खंड अधिकारी के मुताबिक इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत काहरी के वार्ड दुमेला और काहरी में भू-संरक्षण का कार्य किया गया था। इसमें सरकार की तरफ से भू-संरक्षण के लिए लाखों रुपये का बजट आया था। इसी दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्य धरातल में नहीं दिख रहा है। इसके बाद लोगों ने आरटीआई के माध्यम से इसकी जानकारी हासिल की। इसके बाद इसमें अनियमितताओं की बात सामने आई। इस मामले को लेकर अमर उजाला में सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की है। इसके बाद जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए मामले को लेकर बीडीओ को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के करीब चार महीने के बाद इस मामले में नया खुलासा हुआ है। इसके साथ ही आने वाले समय में मामले को लेकर कई और खुलासे हो सकते हैं। समिति में होशियार पुत्र पिंजू गांव दुमेला और ओम प्रकाश पुत्र जर्मो गांव कलरखोट का नाम शामिल किया गया है जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2007 में हो चुकी थी। हैरानी इस बात की है कि इन्हें वर्ष 2011 और 2013 की समिति में शामिल किया गया। इसके बाद रफल राम पुत्र लोजन सिंह गांव बन्नी की मौत 2013 में हुई जबकि उनका नाम वर्ष 2014 की समिति सदस्य के रूप में शामिल किया गया। वहीं चतरो पुत्र चमारू राम की मौत वर्ष 2008 में हुई थी और उनका नाम 2011 और 2013 की समिति में शामिल किया गया है। विकास खंड अधिकारी भटियात डॉ. बशीर खान का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौके पर निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही अगर इस मामले में कोई धांधली पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।