चंबा। जिले के जंगलों को सुलगाने वाले शरारती तत्वों पर वन विभाग ने शिकंजा कसना आरंभ कर दिया गया है। इसके तहत वन मंडल चंबा और डलहौजी मंडल के तहत दस एफआईआर शरारती तत्वों के खिलाफ पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई है। वन विभाग का मकसद जंगलों को शरारती तत्वों से बचाना और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाना है।
वनों से वायु, वायु से आयु का नारा भले ही हर बच्चे को शिक्षा के मंदिरों में सिखाया जाता है। इतना ही नहीं, लोगों को भी इस बारे में पूरी जानकारी है। बावजूद इसके लोगों की संकीर्ण सोच का नतीजा यह है कि जिले के जंगल सुलग रहे हैं। जंगलों को सुलगाने के पीछे भी शरारती तत्वों का हाथ रहता है। जंगलों में लगने वाली आग से एक तरफ जहां लाखों की वन संपदा नष्ट हो रही है, तो वहीं, जंगल की आग से कई विलुप्त होते जीव-जंतु भी अकारण मौत का ग्रास बन रहे हैं। बावजूद इसके लोग जंगलों को आग के हवाले करने से पीछे नहीं रह रहे हैं। कई मर्तबा तो लोग एक जंगल में आग भड़की देख दूसरे जंगल में स्वयं ही आग लगा देते हैं।
इन क्षेत्रों में आग लगने पर दर्ज हुए केस
चंबा मंडल के तहत सरोड़ी जंगल, चकलू जंगल, कोहाल जंगल, डुगली जंगल, हरिपुर जंगल, साच जंगल, चागला जंगल में शरारती तत्वों के आग लगाए जाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज करवाई है।
जंगलों में आग लगाने वालो नहीं बख्शेंगे ऱ् डीएफओ
वन विभाग के डीएफओ चंबा संजीव शर्मा ने बताया कि जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके तहत आठ जंगलों में आग लगाने पर शरारती तत्वों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।