चंबा। माकपा जिला कमेटी ने मनरेगा का नाम बदलने ओर उसे खत्म करने को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पार्टी जिला सचिव नरेंद्र ने कहा कि देश भर में केंद्र सरकार के मनरेगा के खिलाफ हमलों के विरोध में अभियान और प्रदर्शन होंगे।
इसी क्रम में जिला के मनरेगा मजदूरों के बीच पार्टी अभियान चलाएगी और केंद्र की बीजेपी सरकार को बेनकाब करेगी। केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने देश में मनरेगा कानून के ऊपर एक बड़ा हमला किया है। एक अधिकार आधारित कानून को एक बजट आधारित योजना में बदल दिया गया है।
यह गरीब किसानों, ग्रामीण मजदूरों व कृषि मजदूरों के आर्थिक अधिकारों के ऊपर एक बड़ा हमला है। सरकार ने देश में चल रहे कृषि संकट को और बढ़ाने का काम किया है। इससे देश में किसानों व कृषि मजदूरों की आत्महत्याएं और बढ़ेंगी व कृषि छोड़ने पर मजबूर होंगे।
मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार 2014 से ही इस कानून के खिलाफ रही है। इसलिए इस कानून को कमजोर करके खत्म करना चाहती थी। मनरेगा कानून के समाप्त होने से ग्रामीण गरीबों को भारी नुकसान होगा। गांधी की जगह राम को लाने से उनके हिंदुत्व एजेंडे को फायदा होता है जबकि यह कानून कृषि मजदूरों व किसानों के संघर्षों के कारण आया था।
अब नई योजना में बजट का बोझ भी राज्यों पर डाला गया है। केंद्र को 60 प्रतिशत व राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च करना पड़ेगा। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को 90:10 के अनुपात पर खर्च करना पड़ेगा। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। केंद्र सरकार लोगों को भ्रमित कर रही है कि 100 दिनों की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा। नए कानून को वापस लिया जाए।
इस मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। धरने के दौरान पार्टी राज्य कमेटी सदस्य सुदेश, जिला कमेटी सदस्य विपिन, रिझू राम, रवि, ऋतु, सपना, भीम, दिनेश कुमारी, केवल कृष्ण, रीता, रमेश परजा राम मौजूद रहे।