चंबा पुलिस गोहत्या मामले में जांच के दौरान आरोपी के घर से बरामद किए गए देसी घी की फोरेंसिक जांच करवाने जा रही है। पुलिस जानना चाहती है कि इस शुद्घ घी को तैयार करने के लिए वाकई में दूध का प्रयोग किया गया है या फिर व्यावसायिक लिहाज से अधिक मुनाफा कमाने के लिए किसी अन्य जैविक पदार्थ की मिलावट की गई है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में गाय के अवशेषों के साथ-साथ आरोपियों के घर से तैयार किया गया शुद्घ घी भी बरामद किया था। ऐसे में रिपोर्ट आने पर सच साबित होगी। मामले की पड़ताल में आरोपियों के खिलाफ पुलिस को एक और पुख्ता सबूत मिल जाएगा।
गौरतलब है कि बाहरी राज्यों में पहले भी जैविक अवशेष से मिलावटी घी तैयार कर उसे शुद्घ देसी घी के नाम पर बेचे जाने के मामले आए हैं। ऐसे में पुलिस अपनी जांच को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए किसी भी पक्ष से कमजोर साबित नहीं होना चाहती है। बहरहाल घी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घी की की चिकनाई का रहस्य सुलझ पाएगा।
डीएसपी चंबा हेडक्वार्टर बीर बहादुर ने बताया आरोपियों के घर से पकड़े गए घी के नमूने तैयार कर लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। पुलिस ने अपनी जांच में इस पहलू को भी शामिल किया है ताकि आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा सकें।