धर्मशाला 159 या 133 किमी? भरमौर भी 93 और 88 किमी दूर, दूरी दर्शाने वाले बोर्ड बने असमंजस का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर द्रड्डा में सड़क के किनारे लगे दूरी दर्शाने वाले संकेतक यात्रियों के लिए सुविधा के बजाय असमंजस का कारण बन गए हैं।
यहां एक-दूसरे के पास लगे संकेतकों पर एक ही गंतव्य की अलग-अलग दूरी दर्ज है। ऐसे में मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर सही दूरी कौन सी है।
द्रड्डा में लगे एक संकेतक पर धर्मशाला की दूरी 159 किलोमीटर दर्शाई गई है, जबकि इसके ठीक पास लगे दूसरे संकेतक पर यही दूरी 133 किलोमीटर बताई गई है। इसी तरह भरमौर की दूरी को लेकर भी दोनों संकेतकों में अंतर है। एक बोर्ड पर भरमौर 93 किलोमीटर दूर बताया गया है, जबकि करीब 50 मीटर की दूरी पर लगे दूसरे संकेतक में इसकी दूरी 88 किलोमीटर दर्ज है।
एक ही स्थान पर कुछ ही दूरी के अंतराल में अलग-अलग दूरी दर्शाने वाले संकेतक लगे होने से यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। खासकर पहली बार इस मार्ग से गुजरने वाले बाहरी राज्यों के वाहन चालकों के लिए यह स्थिति परेशानी का सबब बन रही है। यात्रियों के लिए दूरी दर्शाने वाले संकेतक मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं, ऐसे में उनमें इस तरह की विसंगति सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय निवासी अनिल कुमार, सुमित कुमार, विनोद कुमार और सिकंदर ने बताया कि ये संकेतक लंबे समय से इसी स्थिति में लगे हुए हैं। कई बार ध्यान दिलाने के बावजूद इनमें सुधार नहीं हुआ। उन्होंने संबंधित विभाग से पुराने संकेतकों की जांच करवाकर सही दूरी वाले नए संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके।
उधर, एनएचएआई के साइट इंजीनियर वरुण कुमार ने बताया कि द्रड्डा में लगे संकेतक हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग की ओर से स्थापित किए गए थे। अब मार्ग एनएचएआई के अधीन है। उन्होंने कहा कि संकेतकों में दूरी संबंधी त्रुटि को जल्द दुरुस्त करवाया जाएगा।