चंबा। चंबा और जम्मू की सरहद पर खुंडी मराल के पास सड़क के बीचोंबीच खुदाई कर दी गई है। इससे चंबा-भद्रवाह होकर पांगी जाने वाले वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। जम्मू की तरफ से बंद हुए मार्ग के बारे में एसडीएम सलूणी ने जिला प्रशासन को सूचित कर दिया है। खुंडी मराल नामक स्थान पर सड़क के बीचोंबीच खुदाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क की खुदाई किसने की है इसके बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।
जिला मुख्यालय चंबा से पांगी का रुख करने वाले पांगीवासियों के लिए चंबा-भंजराडू-पांगी 170 किलोमीटर, चंबा-भद्रवाह-पांगी मार्ग 550 किलोमीटर और चंबा-पठानकोट-जम्मू-पांगी 600 किलोमीटर लंबा है। चंबा-भद्रवाह पांगी मार्ग पर खुंडी मराल के पास जम्मू सीमा के अंतिम छोर पर सड़क खोदकर आवाजाही बंद कर दी गई है। सड़क बंद से वाहनों को करीब 150 किलोमीटर का सफर तय कर वाया चंबा-भंजराडू-पांगी पहुंचना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने से लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। चर्चाएं है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा की भद्रवाह के ज्यादा लोगों को प्रशासन ने अनुमति प्रदान नहीं की। इसके चलते ही मार्ग को बंद किया गया है। भद्रवाह की सीमा पर होने वाली सड़क की खुदाई ने कई खड़े कर दिए हैं। अब जिला प्रशासन को समय रहते इस समस्या का निदान करना होगा। अन्यथा बर्फबारी के दौरान पांगी जाने और आने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
15 अक्तूबर को प्रशासनिक आदेशों के चलते चंबा-भंजराडू-पांगी और चंबा-भद्रवाह-पांगी मार्गों को यातायात के लिए बंद कर दिया जाता है। ऐसे में पांगी से जिला मुख्यालय या बाहरी राज्यों का रुख करने वाले लोगों के लिए भी अधिक बर्फबारी के दौरान पांगी-जम्मू-पठानकोट-चंबा मार्ग बंद हो जाता है। इस दौरान पांगी से बाहर जाने वालों के लिए एकमात्र साधन हवाई सेवा ही रहती है।
एसडीएम सलूणी किरण भड़ाना ने बताया कि चंबा-भद्रवाह-पांगी मार्ग भद्रवाह की तरफ से खोदकर बंद किया गया है। इस बारे में एसडीएम भद्रवाह से बात की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बारे में भद्रवाह के जिला प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा। भड़ाना ने बताया कि मार्ग पर हुई खुदाई के बारे में जिला प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है।