सीटू और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने वीरवार को उपायुक्त चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक ज्ञापन भेजा। इससे पूर्व सीटू एवं एसएफआई कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
इसमें शौंगटोंग जल विद्युत परियोजना का निर्माण करवा रही कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। शौंगटोंग जलविद्युत परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सीटू की जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि उपरोक्त परियोजना में कंपनी प्रबंधन का कर्मचारियों के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि बुधवार को सीटू नेता मजदूरों के हक को लेकर शांतिप्रिय आंदोलन कर रहे थे।
इन्हें कंपनी प्रबंधन ने जबरन गिरफ्तार करवा दिया। उन पर झूठे मुकद्दमे बना दिए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की है कि सीटू नेताओं पर बनाए गए मुकद्दमों को तुरंत खारिज किया जाए। परियोजना से निकाले गए मजदूरों को जल्द बहाल किया जाए।
परियोजना में श्रम कानूनों को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेेश सरकार भी कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर मजदूरों के हकों का हनन कर रही है। परियोजना में मजदूर अपने हक को लेकर 340 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार मजदूरों की मांगों को दरकिनार करके कंपनी प्रबंधन का साथ दे रही है।
मजदूरों को वापस काम में नहीं लिया गया और सीटू के नेताओं पर बनाए गए केस खारिज नहीं किए गए तो सीटू पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। इस मौके पर नरेंद्र, संजू, चिंता, सुदेश राजपूत, अनिल राणा, वरुण, अजय, प्रवीन, तनु, पवन, अजय व स्वरूप शामिल रहे।
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