प्रशासन की ओर से ठेकेदारों को झूले न उखाड़ने के जारी किए थे दिशा निर्देश
पिछले वर्ष भी उखाड़े थे झूले, मेले के करीब तीन माह बाद हुए थे यह झूले स्थापित
चौगान नंबर चार से इस बार प्रशासन को तीन लाख रुपये कम हुई है आमदनी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में ठेकेदारों की मनमानी का दौर जारी है। एक तरफ जहां कैफे रोड को ठेकेदारों ने व्यावसायिक परिसर बना दिया है वहीं अब चौगान नंबर चार स्थित चिल्ड्रन पार्क में लगे झूलों को उखाड़ दिया है। हालांकि, प्रशासन ने चौगान नंबर चार की नीलामी के दौरान झूले न उखाड़ने के निर्देश दिएं थे। मगर ठेकेदारों ने प्रशासन के निर्देशों को ठेंगा दिखा दिया है और बच्चों को मनोरंजन के साधन को उखाड़ दिया है।
ठेकेदारों की ओर से चौगान में अस्थायी मार्केट के लिए जगह ओर बढ़ा दी है। गौरतलब है कि इस बार प्रशासन को चौगान नंबर चार से करीब तीन लाख रुपये कम नीलामी में मिले है। गत वर्ष यह चौगान करीब 17 लाख में बिका था। मगर इस बार 14 लाख रुपये में ही यह चौगान नीलाम हुए हैं। एक तरफ जहां प्रशासन को कम पैसे मिले है तो वहीं, दूसरी तरफ ठेकेदारों की ओर से झूलों को भी उखाड़ दिया है। लोगों में रमेश कुमार, विकास कुमार, सुमित कुमार, सुरेंद्र सिंह, बब्बू राम का कहना है कि मेले को व्यावसायिक रूप देने के लिए ठेकेदार को कोइ्र कसर नहीं छोड़ रहे है। बताया कि गत वर्ष भी झूले उखाड़े गए थे। मगर मेला खत्म होने के करीब तीन माह बाद यह झूले स्थापित हुए थे।
इनसेट
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि प्रशासन को इस बारे अवगत करवाया जाएगा और मेले के बाद झूले स्थापित करवाए जाएंगे।
इनसेट
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह मामला ध्यान में नहीं है। कहा कि इस बारे संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।