चंबा। चांजू–बघईगढ़ सड़क मार्ग पिछले पूरे 10 दिन से बंद पड़ा हुआ है। सड़क बंद रहने के कारण बागवानों की लाखों रुपये की सेब की खेप बाजार तक नहीं पहुंच पाई और पेटियों में बंद सेब सड़कर खराब हो गया। यह स्थिति न केवल बागवानों के लिए आर्थिक संकट खड़ा कर रही है, बल्कि उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर चुकी है। बागवानों का कहना है कि सेब की तुड़ाई का यह समय बेहद अहम होता है और हर दिन की देरी से बड़ा नुकसान होता है।
बागवान राजू राम, पवन कुमार, भूमेश कुमार, पुन्नू राम और अशोक कुमार ने बताया कि विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद सड़क बहाल करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि जब समय रहते मार्ग बहाल ही नहीं किया गया तो सरकार और विभाग दोनों को इस नुकसान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 10 दिन से लोग रोजाना सड़क खुलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। समय पर सड़क न खुलने से न केवल बागवान बल्कि सेब खरीदने वाले आढ़ती और ट्रांसपोर्टर भी प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई है कि सड़क को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि जो बचा हुआ सेब है, उसे बाजार तक पहुंचाया जा सके। साथ ही उन्होंने मांग की है कि बागवानों को हुए भारी नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति और न बिगड़े।