सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। नगर परिषद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों का प्रबंधन और करने वाली कंपनी लोगों की समस्याओं को दरकिनार कर रही है। हालत यह है कि हर महीने पांच लाख लेने के बावजूद कंपनी शिकायतों का समय पर निवारण नहीं कर रही है।
इस वजह से शहरवासी अंधेरे में धक्के खाने को मजबूर है। सर्दियों में यह समस्या और बढ़ गई है, लाइटों के टाइमर मौसम के हिसाब से सैट नहीं होने के कारण सुबह पांच बजे ही लाइटें बंद हो जाती है। इस वजह से सुबह के समय सैर करने और अन्य स्थानों के लिए आवाजाही करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के 11 वार्डों के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में यही समस्या चल रही है।
नप चंबा के पास इस संबंध में दर्जन भर शिकायतें भी पहुंच चुकी है। हैरानी इस बात की है कि निजी कंपनी प्रबंधन और विद्युत बोर्ड को नप चंबा करीब पांच लाख रुपये की अदायगी हर महीने मरम्मत कार्य और बिजली बिलों के रूप में करता है।
बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। वहीं, नप चंबा के अधिकारियों की मानें तो कई बार ईईएसएल कंपनी को स्ट्रीट लाइटें ऑन-ऑफ के समय को देखते हुए टाइमर सेट करने को अवगत करवाया है।
बावजूद इसके अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। बता दें कि नगर परिषद चंबा ने शहर के वार्डों समेत आसपास के परिक्षेत्र में लोगों की सहूलियत के लिए करीब 2500 के करीब एलईडी स्ट्रीट लाइटें स्थापित करवाई गई है।
इसके लिए बाकायदा नप चंबा ने जून 2016 में एनर्जी एफिशेंसी सर्विस लिमिटेड कंपनी के साथ सात वर्षों का अनुबंध किया है। बावजूद इसके कुछ समय से शहर में विभिन्न वार्डों, चौराहों और गलियों में स्थापित स्ट्रीट लाइटों के ऑन-ऑफ का समय तक निर्धारित नहीं हो पाया है। ऐसे में कई बार स्ट्रीट लाइटें रात में भी बंद रहती है, तो कई मर्तबा मोहल्लों में सुबह पांच बजे ही स्ट्रीट लाइटें बंद हो जाती है।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने माना कि शहर के कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटों के ऑन-ऑफ होने का समय निर्धारित नहीं हो पाया है। इस बारे में कंपनी प्रबंधन को कई बार लिखित में सूचित किया गया है। कंपनी प्रबंधन के साथ शिमला में बैठक आयोजित कर समस्या का समाधान के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
ईईएसएल कंपनी के इंजीनियर राहुल ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों की सेलरी को लेकर समस्या चल रही है। बहरहाल, चंबा में छह-छह घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर ऐसी बात है, तो समस्या का समाधान करवाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।