चंबा। प्राकृतिक आपदा के बाद भी चंबा जिला में अब तक पूरी तरह से जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। जिले के कई इलाकों में लोग अंधेरे और बंद रास्तों से जूझ रहे हैं। 51 सड़कें बंद होने से लोग मजबूरन अपनी जिंदगी जोखिम में डालकर आवाजाही करने को विवश हैं। वहीं, 151 ट्रांसफार्मर ठप होने से 755 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। बिजली गुल होने से ग्रामीण दूसरे गांवों या पंचायतों में जाकर अपने मोबाइल फोन चार्ज कर काम चला रहे हैं। हालांकि, विभागीय टीमें भूस्खलन से बंद हुए मार्गों को बहाल करने के लिए दिन-रात जुटी हुई है, लेकिन 20 दिन बाद भी व्यवस्था सुधर नहीं पाई है।
लोक निर्माण विभाग के चंबा मंडल में 12, डलहौजी में एक, तीसा में छह, सलूणी में आठ, भरमौर में 14, पांगी 01, भटियात में नौ सड़कें बंद हैं। वहीं, भटियात विस क्षेत्र में 127, तीसा में सात, भरमौर में 11, सलूणी में तीन और चंबा में दो ट्रांसफार्मर बंद होने से 755 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। इसके अलावा चंबा मंडल के तहत नौ, भरमौर में सात, भटियात में चार, सलूणी में एक पेयजल योजना प्रभावित पड़ी हुई है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें फील्ड में लगातार प्रयास कर रहीं हैं।