चंबा। नगर परिषद चंबा के वार्डों में अब डोर टू डोर कूड़ा उठाने के एवज में लिया जाने वाला शुल्क स्वयं सहायता समूह (एनयूएलएम) एकत्रित करेगा। बिल की अदायगी करते समय लोगों को बाकायदा रसीद भी दी जाएगी। यह निर्णय बुधवार को नप कार्यालय में नप अध्यक्ष नीलम नैयर की अध्यक्षता में आयोजित हुई हाउस की बैठक में लिया गया है। इसमें निर्णय लिया गया कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली योजना से जमा होने वाली धनराशि को नप के पास जमा किया जाएगा। इसके बाद नप सफाई ठेकेदारों को नियमानुसार धनराशि का भुगतान करेगी।
ठेकेदार बिना रसीद के इकट्ठा कर रहा था पैसे
मौजूदा समय में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था सफाई ठेकेदार देख रहे हैं। इसके साथ महीने के बाद लोगों से इस सेवा के बदले ली जाने वाली फीस को भी ठेकेदार ही इकट्ठा कर रहे थे। मगर इस व्यवस्था से डोर-टू डोर कूड़ा उठाने की योजना सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही थी। इसकी वजह यह थी कि ठेकेदार बिल के एवज में लिए जाने वाले शुल्क की रसीद नहीं दे रहा था। इस वजह से कितना पैसे एकत्रित होना है इसको लेकर संशय की स्थिति बनी रहती थी। इसको देखते हुए नगर परिषद चंबा ने यह निर्णय लिया है।
दुकानदारों को देनी होगी लंबित किराये की तीस फीसदी राशि
हाउस की बैठक में राजीव गांधी कांप्लेक्स में नप के किराये पर कुंडली मारकर बैठे दुकानदारों से पैसे वसूलने को लेकर भी निर्णय लिया गया है। इसके लिए दुकानदारों को लंबित किराये की तीस प्रतिशत राशि को एक साथ जमा करवाना होगा। इसके बाद दुकानदार बाकि बचने वाले लंबित किराये का महीनेवार भुगतान कर सकते हैं। कोरोनाकाल में दुकानदारों पर पड़े बोझ को देखते हुए ही नगर परिषद चंबा ने ये निर्णय लिया है। बैठक में पार्षद करतार ठाकुर, धन्नो देवी, सीमा कश्यप, वर्षा, नप उपाध्यक्ष पुरु मनिंद्र सिंह और पार्षद धीरज बडयाल मौजूद रहे। नप अध्यक्ष नीलम नैयर ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
नप कार्यालय में खुलेगा सीएससी सेंटर
चंबा के लोगों को पासपोर्ट और पेन कार्ड बनाने की सुविधा प्रदान करने के लिए नप कार्यालय में सीएससी सेंटर खोलने का निर्णय लिया गया है। यहां चंबा के लोग पासपोर्ट और पेन कार्ड बनवा पाएंगे। नप चंबा कार्यालय में सीएससी सेंटर में ये सहूलियत मिलने से चंबा के युवाओं को बड़ी राहत मिली है। इसके अलाव उन्हें पासपोर्ट और पेन कार्ड बनवाने के लिए जगह-जगह धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।