चंबा। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए दवा निरीक्षक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी से दो दवाइयों के सैंपल भरें। इसमें विटामिन की कमी और बुखार को दूर करने में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के सैंपल लेकर विभागीय प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। यहां इन दवाइयों की गुणवत्ता जांची जाएगी। ये दोनों दवाइयां कोविड केयर सेंटरों में कोरोना मरीजों को दी जा रही हैं। इसलिए इन दवाइयों की गुणवत्ता को स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करियां में दबिश दी। यहां पर टीम ने निजी केमिस्टों की दुुकानों में दबिश देकर दवाइयों के क्रय और विक्रय का रिकॉर्ड जांचा। इसके साथ ही सरकार की प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री को लेकर भी जांच पड़ताल की गई।
मगर जांच के दौरान किसी भी केमिस्ट के पास प्रतिबंधित दवाइयां नहीं मिली। करियां से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पेन किलर और एंटीबायोटिक दवाओं के दो सैंपल भरे। इनकी जांच स्वास्थ्य विभाग की प्रयोगशाला में होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केमिस्टों को हिदायत दी कि वे प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न करें। अगर ऐसा हुआ तो पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दवा निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी से दो दवाइयों के सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा दो सैंपल करियां में निजी केमिस्ट की दुकान से भी भरे गए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है। आगामी कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।