संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जंगलों से वन संपदा की अवैध तस्करी में चंबा अंतरराष्ट्रीय स्तर का अड्डा बनता जा रहा है। पहले वन विभाग ने मेपल की अवैध तस्करी के मामले में उत्तर प्रदेश में जाकर इसकी तस्करी करने वाले तस्कर धरे। इनके तार चीन के साथ जुड़े हुए मिले।
इसके बाद भोज पत्र की जंगल से अवैध तस्करी को विभाग ने पकड़ा। इसमें भी विभाग ने नेपाल मूल के आरोपी पकड़े। जिनके तार चीन के साथ जुड़े हुए पाए गए। इसके बाद विभाग ने वन्य जीवों के सैंकड़ों अवशेष पकड़े। जिनका अवैध शिकार बाहरी राज्यों के लोगों ने चंबा के जंगलों में जाकर किया। इसमें कस्तूरी मृग की कस्तूरी, जंगली छिपकली, गीदड़सिंगी सहित कई अन्य वन्य जीवों के अवशेष पकड़े। इसमें कई लोगों को विभाग ने बेनकाब भी किया।
अब चंबा के जंगल से जंगली जड़ी-बूटी की अवैध तस्करी को भी उजागर किया है। इन सभी मामलों में हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा था। लेकिन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले कुछ महीनों में इन सभी तस्करी के मामलों को उजागर किया है। इससे तस्करी करने वाले माफिया की कमर भी टूटी है। अब विभाग जंगल में होने वाली हरेक हलचल पर गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।
यह वन संपदा की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। जड़ी-बूटी का जो मामला पांगी में पकड़ा गया है। उसी प्रकार से जिला के अन्य जंगलों में भी इस तरह की जड़ी बूटियों की अवैध तस्करी होने की संभावना है। इसको लेकर विभाग गंभीरता से कार्यवाही करता है
तो कई तस्कर विभाग की गिरफ्त में होंगे।