मार्ग की कटिंग से पहले एफसीए अनुमति को लेकर पूरी की जा रही औपचारिकता
व्यवस्थित तरीके से डंपिंग साइटों में फेंका जाएगा मक, नहीं होगा कोई भी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। किलाड़ से कुल्लू को जोड़ने वाले मार्ग को चौड़ा करने का कार्य जल्द शुरू हो सकता है। कटिंग के दौरान जो भी मक निकलेगा, उसे नाले में अव्यवस्थित तरीके से ठिकाने नहीं लगाया जाएगा, बल्कि वन विभाग की चिह्नित डंपिंग साइटों में डाला जाएगा।
शनिवार को डंपिंग साइटों का औचक निरीक्षण करने के लिए मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार चंबा से पांगी पहुंचे।
उन्होंने डीएफओ पांगी सहित अन्य वन और बीआरओ अधिकारियों को साथ लेकर संसारी नाला-किलाड़-थिरोट-तांदी मार्ग का निरीक्षण किया। जहां भी डंपिंग साइटें बनाई जाएंगी, उन सभी स्थानों का जायजा लिया। करीब दस डंपिंग साइटों को बनाने के लिए मुआयना किया गया। यहां आने वाले समय में मक ठिकाने लगाया जाएगा। मार्ग को चौड़ा करने के लिए पांगी वासी लंबे समय से मांग कर रहे थे जो अब पूरी होती हुई दिख रही है। फिलहाल इस बात का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है कि यह कार्य कब शुरू होगा। वन विभाग ने बीआरओ के साथ मिलकर डंपिंग साइटों को चयनित करने के लिए निरीक्षण कर लिया है। वन अरण्यपाल पांगी में वन विभाग के चल रहे कार्याें का भी निरीक्षण करेंगे। इसमें जंगलों में किए गए पौधरोपण और नर्सरी में किए गए कार्य शामिल रहेंगे।
वन मंडल अधिकारी रवि गुलेरिया ने बताया कि वन अरण्यपाल ने डंपिंग साइटों को लेकर निरीक्षण किया है ताकि इन साइटों को शुरू करने से पूर्व एफसीए अनुमति दी जा सके।