तीसा (चंबा)। टिकरीगढ़ से देहरोग की ओर आ रही कार 27 मई को सुबह 9:00 बजे कीचड़ में फंस गई। चालक अपने स्तर पर कार को कीचड़ से बाहर निकालने का प्रयास करता रहा लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। ऐसे में देखते ही देखते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आखिरकार लोगों ने कार को धक्का मारकर कीचड़ से बाहर निकाल कर मार्ग को बहाल करवाया। हैरानी की बात है कि 17 वर्ष बाद भी लोक निर्माण विभाग ने टारिंग नहीं की है। इसके चलते सड़क पर असंख्य गड्ढे हो गए हैं। इसका खामियाजा वाहन चालकों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। गर्मियों के दिनों में बाइक, कार और बड़े वाहनों की आवाजाही होने से मिट्टी से राहगीरों को दो-चार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को सड़क की सुध लेने की मांग की गई है। बावजूद इसके अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
बता दें कि वर्ष 2007 में देहरोग से टिकरीगढ़ के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद सड़क की सुध नहीं ली गई। आलम यह है कि सड़क पर गड्ढे होने के कारण सड़क की हालत खराब है तो वहीं सड़क पर उड़ने वाली धूल भी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
ग्रामीणों नरेंद्र कुमार, कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश, जीवन सिंह, डीिहनु राम, हेम राज आदि ने बताया कि इस सड़क से भरनी, टिकरीगढ़, कुठार, करमुंड, ढ़कियाड़ा, पुखरियाल, किहा, दासलाड़ी समेत अन्य गांवों के लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन खस्ताहाल सड़क से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश राणा ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। सड़क पर आगामी दिनों में टारिंग करवाकर लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।