एचआरटीसी की इकलौती 42 सीटर बस सेवा बंद होने से सैकड़ों यात्री हो रहे परेशान
टैक्सियों में महंगा किराया देकर करना पड़ रहा सफर, निगम से बस शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा से डोडा को जोड़ने वाला बस रूट आठ महीने से बंद है। इस रूट पर चलने वाली एचआरटीसी की 42 सीटर बस सेवा ठप होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर डोडा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को टैक्सियों में महंगा किराया देना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि यह बस सेवा केवल परिवहन का साधन नहीं थी, बल्कि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क की एक अहम कड़ी थी। रोजाना नौकरी, व्यापार, इलाज और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले लोगों को अब घंटों इंतजार और अधिक किराया देकर निजी वाहनों में यात्रा करनी पड़ रही है। प्रशासन और परिवहन निगम इस रूट को केवल मणिमहेश यात्रा के दौरान ही प्राथमिकता देते हैं। यात्रा सीजन खत्म होते ही चंबा-डोडा रूट लगभग सालभर बंद पड़ा रहता है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं।
यात्रियों में हेम पाल, रतन चंद, तिलक राज, मनोहर लाल, जोगिंद्र कुमार और लालू राम ने बताया कि कई बार निगम प्रबंधन से बस सेवा बहाल करने की मांग की गई, प्रस्ताव भी सौंपे लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बस सेवा बंद होने का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। चंबा और डोडा के बीच रोजमर्रा के सामान की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पर्यटक भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण इस रूट से यात्रा करने से बच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और परिवहन निगम से मांग की है कि चंबा-डोडा रूट पर जल्द सरकारी बस सेवा दोबारा शुरू की जाए। उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि अभी नई बसें नहीं हैं। जैसे ही आएंगी, इस रूट पर भी बस भेज दी जाएगी।