खज्जियार (चंबा)। खज्जियार से सुबह 7:00 बजे चंबा के लिए चलने वाली एचआरटीसी बस का कोरोना काल से बंद है। इसके चलते खज्जियार परिक्षेत्र के नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में किराये के कमरे लेकर रहना पड़ रहा है।
हैरत की बात है कि अब तक निगम ने इस बस सेवा को बहाल नहीं किया है। ग्रामीणों को हर माह कमरे के किराये के रूप में आठ से दस हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक चंबा-खज्जियार रूट की सरकारी बस सुबह 7:00 बजे खज्जियार से चंबा के लिए रवाना होती थी जो नौकरीपेशा और विद्यार्थियों से खचाखच भरी रहती थी लेकिन कोरोना काल के दौरान बस सेवा बंद कर दी गई। ग्रामीणों के बार-बार निगम प्रबंधन से बस सेवा को बहाल करने की मांग करने के बावजूद बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ग्रामीणों पृथी चंद, अशोक कुमार, मनोज कुमार, पवन कुमार, कृष शर्मा और जगदीश कुमार का कहना है कि ग्राम पंचायत खज्जियार, टपूण, बख्तपुर, रठियार, ओड़ा, सिंग्गी और कोहलड़ी से रोजाना विद्यार्थी शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षा अर्जित करने के लिए जाते हैं लेकिन, बस सेवा बंद होने से विद्यार्थियों को चंबा पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बहरहाल, ग्रामीणों ने सुबह खज्जियार से चंबा के लिए चलने वाली बस सेवा को दोबारा बहाल करने की मांग की है।
एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह का कहना है कि सरकारी बस किन्हीं कारणों के चलते कोरोना काल के दौरान बंद की गई है। नई बसें आने पर इस रूट पर बस सेवा को बहाल कर दिया जाएगा।