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पैसेंजर टैक्स में 50 फीसदी छूट से बस ऑपरेटर नाखुश

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चंबा। पैसेंजर टैक्स में तीन माह तक 50 फीसदी छूट देने की घोषणा से बस ऑपरेटर नाखुश हैं। बस ऑपरेटरों की मानें तो तीन माह तक पैसेंजर टैक्स माफ करने के बजाय सरकार को एसआरटी (विशेष पथ कर) माफ कर बस ऑपरेटरों को राहत देनी चाहिए। इससे बस ऑपरेटरों को सही मायनों में राहत मिल सकती है।
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गौरतलब है कि बस ऑपरेटर यूनियन चंबा के तहत 130 बसें हैं। कोरोना महामारी के दौरान यातायात व्यवस्था बंद होने से बस ऑपरेटरों को विभिन्न प्रकार के टैक्स जमा करवाना गले की फांस बन गया है। लिहाजा, पुन: बस सेवाएं आरंभ होने से इन ऑपरेटरों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। बावजूद इसके अब सरकार की ओर से बस ऑपरेटरों को रियायत नहीं दी जा रही है।
लिहाजा, बस ऑपरेटरों ने सरकार से एसआरटी में जुलाई 2020 से लेकर अप्रैल 2021 तक माफ करने और सरकार की वर्किंग कैपिटल के तहत लाभ प्रदान करवाने की मांग उठाई है। यूनियन के प्रधान रवि महाजन, उपप्रधान विवेक कुमार, महासचिव हेम सिंह राणा, सचिव चंद्रकांत भारद्वाज और चेयरमैन जर्म सिंह ठाकुर ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों को बसों के पैसेंजर टैक्स में तीन माह तक पचास फीसदी छूट दिए जाने से पूरी तरह से लाभ नहीं मिलेगा।
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कहा कि सरकार से वे लंबे समय से एसआरटी में माफ करने और सरकार की वर्किंग कैपिटल स्कीम का लाभ देने की मांग करते रहे हैं। बताया कि वर्किंग कैपिटल स्कीम के तहत बस ऑपरेटर दो लाख का ऋण हासिल कर सकते हैं। इस पर एक वर्ष तक उन पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं पड़ेगा। इसके अलावा एक वर्ष बाद पड़ने वाला ब्याज भी अधिक नहीं होगा।
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