चंबा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में बजट न आने से आवास बनाने का काम रुक गया है। योजना के तहत नगर परिषद के दायरे में वर्ष 2015 से अब तक 300 घर बनाए गए हैं।
गरीबों को आवास बनाकर देने के लिए केंद्र सरकार ने यह योजना शुरू की है। मार्च के बाद बजट न आने से लोगों के मकानों का काम लटक गया है, जिससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही है। लगभग 65 आवेदन लंबित हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत एक आवास बनाने के लिए एक लाख 75 हजार की राशि दी जाती है। यह धनराशि तीन किस्तों में जारी होती है। नगर परिषद ने योजना के तहत नौ सालों में 300 मकान बनाए हैं, लेकिन लंबे समय से अब बजट न आने से काम रुके हैं। हालांकि, नगर परिषद की ओर से मांग भेजी गई है, लेकिन अभी तक बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। हालांकि, नगर परिषद ने यह तर्क दिया है कि बजट आने के बाद लंबित आवेदनों के तहत उन्हें लाभान्वित करवा दिया जाएगा।
बता दें कि जिनकी आय तीन लाख से कम है, वे प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान बना सकते हैं। साथ ही जमीन भी उनके नाम होनी चाहिए। तीन लाख से ज्यादा आय वाले इस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
ये वार्ड आते हैं नप के दायरे में
चौगान, सपड़ी, सुराड़ा, कसाकड़ा, चौंतड़ा, सुल्तानपुर, हरदासपुर, जनसाली, धड़ोग, हटनाला और जुलाहकड़ी वार्ड शामिल हैं।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि बजट आने के बाद आवास के लिए लंबित आवेदनों को स्वीकृति दे दी जाएगी।