चंबा। जिले के अलग-अलग रूटों पर गईं एचआरटीसी की बसें सड़क किनारे खड़ी धूल फांक रही हैं। इनकी मरम्मत के लिए कोई मेकेनिक नहीं पहुंचा है। पहले से चंबा डिपो बसों की कमी से जूझ रहा है।
दूसरी तरफ बसें जगह-जगह खराब हो रही हैं। एक सप्ताह में चार से पांच बसें खराब होना आम बात हो गई है। ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन कोई सरकारी बस खराब न हुई हो। निगम भी मेकेनिकों की कमी का तर्क देकर अपना पल्लू झाड़ रहा है। लोग भी सरकारी बसों में सफर करना पसंद नहीं कर रहे हैं। बस किस समय खराब हो जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस कारण सवारियों को आगे का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है।
चंबा डिपो में लगभग 150 बसें हैं। इनमें बीस तो मरम्मत के इंतजार में बस स्टैंड में खड़ी हैं। इनमें से लाहडू, सलूणी, भलेई, घूम सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर दस से अधिक बसें सड़क किनारे खराब पड़ी हैं। इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे निगम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधन शुगल सिंह ने कहा कि जिन स्थानों पर बसें खराब खड़ी हैं, उनकी मरम्मत जल्द की जाएगी। फिलहाल, अभी मेकेनिकों की भी कमी है।