लाहल के पास भूस्खलन से तीन घंटे तक बंद रहा भरमौर-पठानकोट हाईवे
सुबह 11:00 बजे बाधित हुआ मार्ग, अस्थायी रास्ता तैयार कर दोपहर 2:00 बजे बहाल हुआ यातायात
रुक-रुक कर गुजरते रहे वाहन, बर्फबारी के बाद तीसरे दिन भी जिले में 58 सड़कों पर नहीं दौड़े वाहन
125 ट्रांसफार्मर बंद होने से 375 गांवों में पसरा अंधेरा, व्यवस्था सुचारु बनाने में जुटी रहीं विभागीय टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा जिला में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के बाद तीसरे दिन भी जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। डेढ़ से दो फीट बर्फ के बीच पांगीवासी आवाजाही करने पर मजबूर दिखे।
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर पूरा दिन भर रुक-रुक वाहन गुजरते नजर आए। जिले में 58 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। बिजली व्यवस्था ठप होने से जिले के 375 गांवों में अंधेरा रहा। अंधेरा पसरा रहने से लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, वीरवार को मौसम साफ रहने की सूरत में विभागीय टीमें पटरी से उतरी व्यवस्था को सुचारू करने में पूरा दिन भर डटी रहीं। अभी भी जिले में व्यवस्था पटरी पर लाने में विभागीय टीमों को कड़ी मशक्कत के बाद कुछ दिन का समय और लग सकता है।
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर धरवाला के पास बुधवार देर शाम निर्माणाधीन पुल के लिए चल रहे कार्य पर अचानक भूस्खलन हो गया। इस कारण किया गया कार्य और लोहा दब गए। इसे मौसम साफ रहने पर ही ठेकेदार की लेबर हटाएगी। हाईवे पर लाहल के पास भूस्खलन होने से वाहनों की रफ्तार पर सुबह 11:00 बजे रफ्तार थम गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी ने हाईवे के लिए अस्थायी रास्ता तैयार कर दोपहर 2:00 बजे वाहनों को गुजार कर लोगों को राहत प्रदान की। बग्गा के पास मालवाहक वाहन के ब्रेक डाउन होने से वाहनों की रफ्तार तीन घंटे तक थमी रही। जिले में बुधवार को बंद 85 मार्गों में से लोनिवि की टीमों ने 29 सड़कों को बहाल करवाया, जबकि 58 सड़कें बभी भी बंद हैं। इसके अलावा 114 ट्रांसफार्मरों में से बोर्ड की टीम ने 19 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करवा दी है। 125 ट्रांसफार्मर बंद होने से 375 गांवों में अंधेरा पसरा है। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारू करवाने में विभागीय टीमें डटी हैं। व्यवस्था बहाल होने से लोगों को राहत मिलेगी।