भरमौर चौरासी परिसर के लिए रवाना होते संचुई गांव के शिव चेले।
भरमौर (चंबा)। चौरासी परिसर में भगवान त्रिलोकीनाथ के वंशजों, गुरों और शिवभक्तों से भर चुका है। शिव के वंशज से आशीर्वाद लेकर श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह और डोडा से भी श्रद्धालुओं के जत्थे भरमौर पहुंच चुके हैं। इन जत्थों ने चौरासी परिसर में दर्शन करने उपरांत हेलीपैड में डेरा जमाया।
वहीं, चंबा से दशनामी अखाड़ा और चरपट नाथ की पवित्र छड़ियां भी भरमौर पहुंच चुकी हैं। शिव भक्तों के उमड़ने से भरमौर मुख्यालय बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रहा है। चौरासी परिसर में शिव भक्तों की भीड़ जमा हो रही है। मंगलवार को दोपहर बाद छड़ियां और जत्थे भरमौर पहुंचे, जहां पर उनका स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
चौरासी परिसर में शिव भक्त नौ नाथों के दर्शन करेंगे। आठ नाथ पहले से चौरासी परिसर में मौजूद हैं, जबकि चरपट नाथ मणिमहेश यात्रा के दौरान ही चंबा से भरमौर की ओर प्रस्थान करते हैं। उसके पहुंचने के बाद मणिमहेश यात्रा के दौरान लोग नौ नाथों के दर्शन करते हैं। इस पल का इंतजार शिवभक्त साल भर करते हैं। एक दिन भरमौर में पड़ाव डालने के उपरांत श्रद्धालुओं के जत्थे अपने अगले पड़ाव को प्रस्थान करेंगे। राधाष्टमी यानी 22 सितंबर को डलझील में शाही स्नान करेंगे।