तेलका (चंबा)। तेलका में छठे दिन राम लीला मंचन में वन में श्रीराम और भरत के मिलाप के दृश्य का मंचन किया गया। प्रथम दृश्य में भरत का अयोध्या से प्रस्थान हुआ। इसके बाद वन में भगवान श्रीराम से मिले।
उन्होंने राजा दशरथ की मृत्यु के बारे में श्रीराम को बताया। इससे श्रीराम दुखी हो गए। भरत भाई श्रीराम को अयोध्या लौटने के लिए कहते हैं, लेकिन श्रीराम मना कर देते हैं। इसके बाद भरत चरण पादुकाएं सिर पर उठाकर अयोध्या लौट आते हैं। दूसरे दृश्य में रावण की बहन शूर्पणखा का प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण से विवाह के लिए जिद करने के दृश्य का मंचन किया गया। इसके बाद लक्ष्मण ने गुस्से में आकर शूर्पनखा की नाक काट दी। खरदूषण के वध के बाद रावण को यह ज्ञात होता है कि पृथ्वी पर स्वयं भगवान का अवतार आ चुका है। इसके बाद शूर्पनखा रावण के पास पहुंचती है। अंतिम दृश्य में रावण अपनी बहन का बदला लेने के लिए साधु बनकर पंचवटी जाता है।