अभी तक पंचायत प्रतिनिधि से लेकर अन्य पंचायत कर्मचारियों से हो चुकी है पूछताछ
मनरेगा के तहत किसी भी बिल का भुगतान बीडीओ और अकाउंटेंट के बिना होना मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सेब पौधों को लेकर सवा करोड़ की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी करने के मामले में पुलिस अब खंड विकास अधिकारी और अकाउंटेंट से पूछताछ करेगी।
पंचायत के अन्य कर्मचारियों से इस मामले में पहले ही पूछताछ हो चुकी है। उनके खिलाफ एफआईआर भी पुलिस थाना तीसा में दर्ज है। पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों से लेकर पूर्व जिप सदस्य भी इस मामले में गिरफ्तारी की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में अब पुलिस संबंधित बीडीओ और अकांउटेंट से पूछताछ करने का बड़ा कदम उठा सकती है। यही दोनों अधिकारी अब तक पुलिस से बचे हुए हैं। हालांकि, सरकारी बिलों के भुगतान में इन दोनों की संलिप्तता मुख्य रूप से रहती है। उनके हस्ताक्षर के बिना कोई भी सरकारी बिल कार्यालय से पास नहीं हो सकता। ऐसे में अब पुलिस यह जांच करेगी कि जाली बिलों की अदायगी में इन दोनों कर्मचारियों ने जांच पड़ताल नहीं की या फिर जानबूझ कर बिलों का पास करवा दिया। इन सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच होगी।
पुलिस ने खंड विकास कार्यालय से इस मामले से जुड़ा सारा रिकॉर्ड भी मांग लिया है। ऐसे में अब कोई भी अधिकारी, कर्मचारी और पंचायत प्रतिनिधि इस मामले में बच नहीं सकता। या तो सभी इस मामले में बेदाग होकर निकलेंगे या फिर सभी लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटकेगी। मनरेगा कार्य के तहत होने वाली धनराशि का भुगतान बीडीओ और अकाउंटेंट के बिना नहीं हो सकता।
उधर, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि सनवाल पंचायत में सवा करोड़ की गड़बड़ी मामले में पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें बीडीओ और अकाउंटेंट से पूछताछ होना अभी बाकी है। इसको लेकर पुलिस अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।