भरमौर (चंबा)। भरमौर-हड़सर मार्ग पर प्रंघाला नाले पर बन रहा बैली ब्रिज भारी बारिश के कारण चट्टानें गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले शिवभक्तों की रफ्तार पर थम गई। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची प्रशासन और विभागीय टीम ने निर्माणाधीन बैली ब्रिज के पिलर कंपनी से मंगवाकर स्थापित करने का निर्णय किया है। विभाग का दावा है कि 12 अगस्त तक पुल को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों राजीव कुमार, नरेश कुमार, योगराज, प्रकाश चंद, अंबिया राम आदि ने कहा कि अगर यह काम मार्च-अप्रैल में लोक निर्माण विभाग शुरू करवा देता तो इतनी परेशानी लोगों और शिवभक्तों को नहीं उठानी पड़ती। कहा कि जिस स्थान पर पुल का निर्माण करवाया जा रहा है, वह जगह सुरक्षित नहीं है। वर्ष 2018 में मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रंघाला नाले पर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उस दौरान दावा किया गया कि एक वर्ष में पुल तैयार कर लिया जाएगा लेकिन 2022 की मणिमहेश यात्रा को कुुछ दिन शेष रहने के बाद भी पुल तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में जितना पुल तैयार हुआ था, रविवार हुई बारिश ने फिर से उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि भारी बारिश के बाद भूस्खलन और चट्टानें गिरने से बैली ब्रिज का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। उपमंडल अधिकारी असीम सूद ने शिवभक्तों से आगामी तीन दिन तक मौसम खराब रहने के कारण यात्रा न करने का आग्रह किया है।