स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग, चार चिकित्सक ही टटोल रहे मरीजों की नब्ज
प्रतिनियुक्ति के सहारे चलानी पड़ रही व्यवस्था, दूरदराज क्षेत्रों के लोग हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। उपमंडल तीसा में आयुष विभाग इन दिनों स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। विभाग में स्वीकृत पदों की अपेक्षा अधिकतर पद खाली चल रहे हैं।
चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से मरीजों को समय पर उपचार देने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यवस्था चलाने के लिए डेपुटेशन का सहारा लेना पड़ रहा है। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या अधिक है लेकिन सीमित स्टाफ के चलते कार्यभार बढ़ गया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है मगर अभी तक सरकारी की ओर से कोई उचित पहल नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुष सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा का महत्वपूर्ण आधार हैं, ऐसे में स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जाना चाहिए।
उपमंडल चुराह के तहत 19 आयुष केंद्रों में से चार में ही आयुर्वेदिक चिकित्सक मौजूद हैं जबकि आयुर्वेदिक चिकित्सकों के 15 पद खाली चल रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इन संस्थानों में भले ही चिकित्सक नहीं हैं लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी नहीं है। बहरहाल, ग्रामीणों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
स्टाफ की कमी के चलते परेशानियां पेश आ रही हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही रिक्त पदों पर सरकार नई भर्तियां करेगी। - डॉ. आशु गर्ग, चिकित्सा अधिकारी आयुष, तीसा