महिलाएं यहां करती नृत्य, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को नहीं मिलता पीने के लिए पानी
मंदिर पहुंचने के लिए बने लोहे के जाले टूटे, हादसे का भी रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सूही माता मेले के दूसरे पड़ाव में निर्मित सीमेंटेड टंकी साल भर खाली रहती है। ऐसे में मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो पाता है। यह टंकी साल के सिर्फ तीन दिन भरी रहती है, जब सूही माता मेले का आयोजन होता है। मेला संपन्न होने के बाद टंकी भी खाली हो जाती है। ऐसे में साल भर मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बाहरी राज्यों से पर्यटक भी सूही माता मंदिर पहुंचते हैं, मगर उन्हें पानी नहीं मिल पाता है। इसके अलावा सीढि़यों के बाद मंदिर पहुंचने के लिए बने पुल के साथ लगे लोहे के जाले भी टूट गए हैं। ऐसे में आगामी दिनों में यहां हादसा हो सकता है। इस रास्ते से जहां महिलाएं आवाजाही करती हैं तो वहीं छोेटे बच्चे भी इसी रास्तें से मंदिर के लिए आवाजाही करते हैं। वहीं, मंदिर के दूसरे पड़ाव के साथ लगते खाली क्षेत्र में कूड़ा बिखरा पड़ा हुआ है। नगर परिषद चंबा की ओर से मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां तो शुरू कर दी है। मगर अभी तक पहले पड़ाव से लेकर दूसरे पड़ाव तक सफाई अभियान नहीं चलाया है। ऐसे में इस पवित्र स्थल में गंदगी का आलम है।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि मेले के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। कहा कि सफाई कर्मियों की डयूटी लगाई जाएगी, ताकि मेला स्थल को चकाचक किया जा सकें।