चंबा। कुल्लू जिले में तैयार गोल्डन, रॉयल, स्पर और रेड रॉयल सेब की चंबा में खूब बिक्री हो रही है। कुल्लू से वाया किलाड़-चंबा वाया साच पास होकर पहुंचे दो ट्रकों में सेब की खेप चंबा पहुंचते ही बिक गई।
इसके बागवानों को अच्छे दाम भी मिले। साइज और वैरायटी के हिसाब से सेब की बिक्री की गई। अतिरिक्त बड़ा आकार का सेब 70 से 75 रुपये किलो, बड़ा आकार 60 से 65 रुपये, मध्यम आकार का 45 से 50 रुपये और छोटे आकार का सेब 45 रुपये किलो की दर से बिका।
चंबा की मंडी में कुल्लू के सेब की दस्तक के पीछे जिले में सेब की एक तिहाई से भी कम पैदावार होना भी कारण है। इसके अलावा आढ़तियों की ओर से लोगों की बढ़ती मांग पर भी कुल्लू से सेब निर्यात करना भी कारण बताया जा रहा है। पहली बार कुल्लू से किलाड़-चंबा वाया साच पास होकर सेब से लदे दो ट्रक चंबा पहुंचे। एक ट्रक में लाया गया विभिन्न वैरायटी का सेब मुख्यालय पहुंचते ही बिक गया। दूसरे ट्रक में लदा सेब मार्के कमेटी के व्यापारियों ने खरीद लिया।
जिले में मौसम अनुकूल रहने पर 28 से 30 मीट्रिक टन सेब की पैदावार होती है। इस बार समय पर बारिश और बर्फबारी न होने से सेब के लिए आवश्यक माने जाने वाले चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं हो पाए हैं। बेमौसमी बारिश से सेब के पौधों से फूल झड़ गए हैं। इससे इस बार फसल अच्छी नहीं हुई है।
उधर, जिला मार्केटिंग कमेटी के सचिव भानू प्रताप सिंह ने बताया कि कुल्लू से किलाड़-चंबा वाया साच पास दो सेब के ट्रक पहुंचे हैं। बागवानों को सेब के अच्छे दाम मिले हैं।
उधर, जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि जिले में मौसम की मार ने बागवानों को जोर का झटका दिया है। 28 से 30 मीट्रिक टन होने वाली सेब की पैदावार इस बार 7 से 8 मीट्रिक टन तक हुई है। यह पिछले वर्षों की अपेक्षा 24 प्रतिशत तक है।