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Chamba News: बेहोश करने की मशीन खराब, मरीज टांडा रेफर

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गिर कर चोटिल महिला को मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल पाया इलाज
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रीढ़ की हड्डी में लगी थी चोट, इलाज के लिए ऑपरेशन करना था जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर के साथ लगते मुगला मोहल्ले में एक महिला घर के लेंटर से नीचे गिरकर घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा ले गए। यहां पर उनकी रीढ़ की हड्डी पर चोट लगने की बात कही गई। इसके इलाज के लिए ऑपरेशन करने को कहा गया लेकिन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन करने से इसलिए इंकार कर दिया गया कि यहां पर बेहोश करने वाली मशीन ही खराब पड़ी है। परिजन अपना दुखड़ा लेकर चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंचे लेकिन वह भी उनकी कोई मदद नहीं कर पाए। इसके बाद परिजनों को टांडा का रुख करना पड़ा। यहां जाने से पहले परिजनों ने इतना जरूर कहा कि इतना बड़ा अस्पताल होने के बावजूद यहां बेहोशी की मशीन तक नहीं है।

घायल राजकुमारी (55) निवासी मुगला को परिजन आखिरकार स्ट्रेचर पर लेटाकर वाहन के जरिये टांडा अस्पताल ले गए। जब उस मशीन के बारे में अस्पताल के डॉक्टरों से पता किया गया तो जानकारी मिली कि पिछले चार साल से यह मशीन खराब है। चार साल से ही रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन बंद पड़े हैं। हादसों में रीढ़ की हड्डी में चोटिल होने वाले मरीजों को सीधे टांडा रेफर किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन खराब मशीन को दुरुस्त करवाने की जहमत नहीं उठा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1000 की ओपीडी रहती है। अस्पताल आने वाले हर मरीज से 10 रुपये पर्ची शुल्क भी लिया जा हा है। यह सारा पैसा मेडिकल कॉलेज की रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा हो रहा है लेकिन पैसा होने के बावजूद खराब उपकरणों को दुरुस्त नहीं करवाया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मशीन को अब तक क्यों दुरुस्त नहीं करवाया गया, इसके बारे में एनेस्थीसिया विभाग से पूछा जाएगा। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखकर जल्द ही मशीन को दुरुस्त करवाने की व्यवस्था की जाएगी।
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