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Chamba News: एक हाथ में छाता, दूसरे में स्टीयरिंग थामा, दांव पर रही सवारियों की जान

Sun, 29 Mar 2026 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा-होली रूट पर सरकार बस के चालक से छत से टपकते पानी से बचने के लिए लिया था छाता
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यात्री बोले- छोटी सी चूक बन सकती थी हादसे का कारण, रूटों पर भेजी जा रही हैं खटारा बसें
बोले- रविवार को कई रूटों पर नहीं जाती हैं निजी बसें, एचआरटीसी बसों में सफर बना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आसमान से गिरतीं बारिश की बूंदें रविवार को सिस्टम की खामियों को भी उजागर कर रही थीं। पहाड़ी रास्तों की चुनौती के बीच बस की छत से टपकते पानी से बचने के लिए चालक ने एक हाथ में छाता थाम रखा था और दूसरे से स्टीयरिंग लेकिन यात्रियों की सुरक्षा दांव पर थी।
छोटी सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। चंबा से होली तक का यह सफर लापरवाही और मजबूरी के बीच झूलती हकीकत का आइना बन गया। तेज बारिश के बीच रविवार सुबह चंबा से होली जा रही एचआरटीसी की बस में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बस चालक एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ से स्टीयरिंग घुमा रहा था। यात्रियों में घबराहट थी लेकिन विश्वास भी था कि चालक उन्हें सही सलामत गंतव्य तक पहुंचा देगा। यात्रियों ने बताया कि एचआरटीसी की बसों में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। बारिश होने पर अकसर बसों की छत से पानी टपकने लगता है।
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यात्रियों में रीना शर्मा, अजय कुमार, संदीप कुमार, विनोद कुमार, हरीश कुमार और दलीप कुमार ने बताया कि बारिश में बस की छत से पानी टपक रहा था। चालक ने सुरक्षित गंतव्य तक तो पहुंचा दिया लेकिन सफर के दौरान यही डर रहा कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी बसों में सफर करना उनकी मजबूरी बन गई है। बारिश होने पर यात्रियों को छाता साथ रखना पड़ता है, वरना पूरी यात्रा भीगते हुए गुजरती है। निगम की बसें खटारा हो चुकी हैं। रविवार को अधिकतर रूटों पर निजी बसें नहीं चलती हैं। कई रूटों पर सरकारी बसों पर ही सवारियां निर्भर करती हैं। ऐसे में उन्हें खटारा बसों में सफर करना पड़ता है।
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उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने माना कि चंबा डिपो की बसों की हालत खस्ता हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बसें काफी पुरानी हैं। इस बारे में सरकार को भी बार-बार अवगत करवाया गया है। एक बार फिर से बसों की स्थिति के बारे में सरकार को जानकारी दी जाएगी। मांग की जाएगी कि चंबा डिपो के लिए नई बसें दी जाएं।
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