टांडा रेफर महिला को समय पर नहीं मिली सेवा, बाथरी के पास पहुंचते ही हुई मौत
परिजन करते रहे फोन, दूसरी शिफ्ट के डॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद पहुंची एंबुलेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा से टांडा रेफर की गई गंभीर घायल महिला को एंबुलेंस के लिए करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस मिलने के बाद टांडा ले जाते समय बाथरी के पास उसकी मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा में देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कुमाहरूई निवासी अमित कुमार ने बताया कि उनकी चाची घास काटते समय खाई में गिरने से गंभीर घायल हो गई थीं। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्हें मेडिकल कॉलेज चंबा के आपातकालीन कक्ष में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें टांडा रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने संबंधित एंबुलेंस कंपनी के नंबर पर संपर्क किया।
अमित कुमार के अनुसार चिकित्सक ने भी कंपनी से बात कर मरीज को तत्काल टांडा ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध करवाने को कहा, लेकिन करीब दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। परिजन लगातार फोन करते रहे। दूसरी शिफ्ट की ड्यूटी संभालने पहुंचे चिकित्सक ने भी कंपनी से संपर्क कर एंबुलेंस भेजने को कहा। इसके बाद एंबुलेंस पहुंची।
एंबुलेंस से टांडा ले जाते समय करीब 40 किलोमीटर दूर बाथरी के पास महिला की मौत हो गई। अमित कुमार ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस कर्मचारियों ने शव वापस चंबा ले जाने से भी इन्कार कर दिया। बाद में अधिकारियों के निर्देश पर शव वापस चंबा लाया गया।
एंबुलेंस पहुंचने पर चिकित्सक ने कर्मचारियों को देरी के लिए फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि एक घंटा पहले सूचना देने के बावजूद समय पर एंबुलेंस न मिलना गंभीर मामला है। मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि एंबुलेंस देरी से पहुंचने के कारणों को लेकर संबंधित कंपनी से जवाब मांगा जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का भी जायजा लिया।