चंबा में प्रोजेक्ट संचालकों को दिशा-निर्देश देते प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड़ के सहायक अभियंता राहुल
चंबा। जिला चंबा में संचालित 20 मेगावाट की क्षमता वाले सभी प्रोजेक्टों को अपने बांध से 15 प्रतिशत पानी हर हाल में छोड़ना होगा। अन्यथा इन प्रोजेक्टों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इतना ही नहीं, प्रोजेक्टों को जहां से पानी छोड़ा जाता है। वहां पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे और इन कैमरों में डाटा स्टोर करने की पूरी क्षमता होनी चाहिए। हरेक महीने का डाटा प्रोजेक्ट संचालक पीसीबी को देंगे।
इसके अलावा पीसीबी के अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान यदि किसी प्रोजेक्ट में पानी छोड़ने को लेकर या अन्य किसी पर्यावरण से संबंधित नियमों की अवहेलना पाई गई तो प्रोजेक्ट को इसका खामियाजा भुगतना होगा। यह निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने सभी प्रोजेक्टों के आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पानी को छोड़ने को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत सकते।
डंपिंग साइट पर भी रहेगी नजर
प्रोजेक्टों में डंपिंग साइटों में प्रोटेक्शन कार्य भी नियमानुसार करना होगा। इसको लेकर भी पूरी जांच पड़ताल पीसीबी के अधिकारी करेंगे। डंपिंग में प्रोटेक्शन कार्य सही नहीं होने से अकसर मलबा नदी नालों में बह जाता था। इसलिए इस दिशा में एनजीटी के दिशा-निर्देशानुसार नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। डंपिंग साइट बनाने का जो तरीका होता है। उसी तरीके अनुसार प्रोजेक्टों को अपनी डंपिंग साइट बनानी होगी। इसके अलावा प्लास्टिक हार्ड वेस्ट और प्लास्टिक वेस्ट के निष्पादन को लेकर भी प्रोजेक्ट संचालकों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्टों के भी सुझाव लिए। इस मौके पर पीसीबी के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और अखिल सहित विभिन्न प्रोजेक्ट संचालक मौजूद रहे।