चंबा। जिला मुख्यालय में सहकारिता विकास समिति की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने की। उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन व रखरखाव के लिए पानी समिति के रूप में कार्य करने की पात्र हैं।
पंचायती राज और जल शक्ति विभाग के साथ विस्तृत चर्चा के बाद इसके लिए निर्णय लिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पानी समितियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के प्रबंधन व रख-रखाव में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों और कृषि उत्पादक संघों को भी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जोड़ा जाए। बैठक में कंप्यूटरीकरण, डेयरी और मत्स्य पालन, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य, बहुउद्देशीय बनने के नए नियम, खाद्यान्न भंडारण कार्यक्रम, जन औषधि केंद्र, नए कृषक उत्पादक संघों का गठन, एलपीजी व पेट्रोल-डीजल वितरण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सुरजीत सिंह ने सभी का स्वागत किया और जिला सहकारी विकास समिति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के दृष्टिकोण से सुझाव प्रस्तुत किए।