चंबा। तेल-डीजल के दामों में होने वाली वृद्धि के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में कांग्रेसियों ने डीसी कार्यालय के बाहर पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेसी पदाधिकारियों ने एसी टू डीसी चंबा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर तेल की कीमतों में होने वाली वृद्धि पर रोक लगाने की मांग उठाई। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नीरज नैयर ने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से पहले ही देश की जनता त्राहिमाम कर रही है। ऐसे में अब केंद्र में बैठी बीजेपी सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि कर लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टर, निजी बस ऑपरेटर और टैक्सी चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर अब उन्हें वाहनों को सड़कों पर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते पहले ही सब्जियों, फलों और खाद्य सामग्री में बेतहाशा वृद्धि हुई थी। ऐसे में अब पेट्रोल-डीजल के दामों मेें बढ़ोतरी होेने से बाजार में फल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टर भी अपना मालभाड़ा बढ़ा देंगे। इससे लोगों को ही इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। बीजेपी सरकार की दमनकारी नीतियों का कांग्रेस ने आज सभी जगह पर पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष करतार ठाकुर ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर सत्तासीन सरकार लोगों की मुसीबतों को बढ़ाने का काम कर रही है। विश्व भर में केवल मात्र भारत में ही पेट्रोल और डीजल के अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, उस दौरान कच्चे तेल का बैरल सौ डालर पार कर गया था। इसके बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 70 रुपये से अधिक नहीं बढ़ गई थी। ऐसे में अब जब तेल का बैरल 35 रुपये है, तो तेल की कीमतें आसमान छू रही है। राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कांग्रेस ने मांग उठाई कि बीजेपी सरकार ने जो लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है, उसे रोका जाए। इस मौके पर कांग्रेसी नेता, पंडित लक्ष्मी धर शर्मा, नरेश राणा, आरिफ मलिक, राजू, मोहम्मद गनी सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।