चंबा मे मिंजर मेले को लेकर तैयारियों में जुटे मजदूर।संवाद
चंबा। ऐतिहासिक चंबा चौगान नंबर एक के इर्द-गिर्द हादसों को न्योता दे रहे सूखे पेड़ काटे जाएंगे। उपमंडलीय प्रशासन ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं विभाग इस बारे में प्रस्ताव दे, जिससे इन सूखे पेड़ों को काटा जा सके, जिससे कोई अप्रिय घटना न हो।
एसडीएम अरुण शर्मा ने ऐतिहासिक चंबा चौगान में मिंजर मेले की चल रहीं तैयारियां का जायजा लेने के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान सूख चुके पेड़ों को कटवाने के बारे में निर्देश जारी किए गए, वहीं ऐतिहासिक चंबा चौगान नंबर एक में बन रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के स्टेज और व्यापारिक गतिविधियों के लिए लगाए जा रहे पंडाल का भी निरीक्षण किया।
इसके अलावा चौगान की एक तरफ लगने वाली विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉलों में जाकर व्यवस्था जांची। इस दौरान कार्य कर रही एजेंसी को निर्धारित अवधि के भीतर कार्य करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि ऐतिहासिक चंबा चौगान में ही मिंजर मेले की आठ सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होता है। साथ ही चौगान के मध्यम और कला केंद्र की पिछली तरफ व्यापारिक गतिविधियों के लिए पंडाल लगते हैं। चौगान में मेले के दौरान काफी भीड़ भी रहती है। ऐसे में प्रशासन ने सूखे पूड़ों को कटवाने का निर्णय लिया है।
उच्च न्यायालय से प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला करवाने के लिए 15 दिन की अनुमति मिली है। इसके तहत 10 अगस्त को चौगान खाली करवाने के लिए बिजली सप्लाई काट दी जाएगी। 11 जुलाई को चौगान किसी भी सूरत में खाली करवा दिया जाएगा।
एसडीएम अरुण शर्मा ने बताया कि निरीक्षण कर चौगान में व्यवस्था जांची गई है। चौगान में कुछ जगह सूखे पेड़ हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है।