चंबा। अवैध रूप से नशीली दवाई बेचने वाले चंबा शहर के तनिश मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा ढल और प्रेम मेडिकल स्टोर के लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित किए गए हैं। इन दोनों स्टोरों पर दवाइयों का रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया था। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि तनिश मेडिकल स्टोर का लाइसेंस इसलिए रद्द किया गया है, क्योंकि कुछ माह पहले जुलाहकड़ी में आरोपी हरमीत को जिला दवा निरीक्षक ने पुलिस की मदद से नशीली दवाइयों के साथ पकड़ा था। उसके पास जो नशीली दवाई मिली थी, उसकी सप्लाई तनिश मेडिकल स्टोर ने की थी।
इसे पुख्ता करने के लिए विभाग की टीम ने स्टोर में जाकर पकड़ी गईं दवाइयों के बिल और बैच नंबर की जांच की। इसमें साबित हो गया कि इसी स्टोर से आरोपी हरमीत को नशीली दवाई अवैध तरीके से बेची गईं थीं। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर चंबा से राज्य दवा नियंत्रक धर्मशाला को भेजी गई। जहां से तीनों मेडिकल स्टोरों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
जिले में नशीली दवाई का ऑनलाइन अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के बाद अब विभाग ने मेडिकल स्टोरों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की है। इसको लेकर लोग विभाग के साथ सरकार का भी आभार जता रहे हैं, क्योंकि ऐसी कार्रवाई करने के लिए किसी प्रकार समझौता नहीं कर रही है।
युवाओं को नशीली दवाई के दलदल से बचाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। भी नशीली दवाई अवैध तरीके से बेचते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
ये नशीली दवाइयां पकड़ीं थीं, जिन्हें डाॅक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेचा जा सकता : जिस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द किया है, उसने स्टोर के संचालक ने आरोपी हरमीत को टैपेंटाडोल, जो कि दर्दनिवारक दवाई है, बेची थी। वहीं, जिन दो स्टाेरों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, उन्होंने प्रेगाबालिन दवा की बिक्री में हेर-फेर किया था। यह दवा मिर्गी के दाैरे पड़ने वाले मरीज को दी जाती है। इन दोनों दवाइयांे को डाॅक्टर की पर्ची के बिना नहीं बेचा जा सकता है।