जिला चंबा में चारा काटने वाली मशीनों के वितरण म़ें फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है। प्रदेश पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने मामले की परतों को उधेड़ना शुरू कर दिया है। वर्ष 2013-14 में विभाग की ओर से अनुदान पर वितरित की गई हस्त चलित और घास काटने वाली मशीनों के वितरण में फर्जीवाड़े की शिकायतें हैं। इसकी जांच भटियात की बलाणा पंचायत से शुरू हो गई है। मंगलवार को अधिकारियों ने बलाणा पंचायत में पहुंच कर किसानों के बयान दर्ज किए। इस जांच प्रक्रिया के प्रथम दिन विभाग के संयुक्त निदेशक युद्धवीर भारद्वाज ने बलाणा में 6 लोगों के बयान लिए हैं। गौरतलब है कि उपतहसील सिहुंता की हटली पंचायत के नारायण सिंह पुत्र वहमी राम, लाल सिंह पुत्र रत्न सिंह और कपिल देव पुत्र कर्म सिंह ने विजिलेंस विभाग धर्मशाला में उक्त फ़र्जीवाड़े संबंधी शिकायत दर्ज करवाई थी और जांच की गुहार लगाई थी। सतर्कता विभाग ने हिमाचल प्रदेश पशु पालन विभाग के निदेशक को इसकी जांच के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में विभाग के संयुक्त निदेशक इस मामले की जांच कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं की सहूलियत के अनुसार घर द्वार पर बयान दर्ज किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला चंबा के सहायक उपनिदेशक डॉक्टर रवि, डॉक्टर नीरज पठानिया, डॉक्टर विशाल, ग्राम पंचायत बलाणा प्रधान संजीव कुमार व अन्य लोग मौजूद रहे।
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एक सप्ताह में पूरी होगी जांच : भारद्वाज
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक युद्धवीर भारद्वाज ने बताया कि एक सप्ताह में रिपोर्ट बना ली जाएगी। सिहुंता और चंबा में सुनवाई होगी । इसके बाद इस रिपोर्ट को सरकार के हवाले कर दिया जाएगा। यदि इस मामले में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।