अपर सत्र न्यायाधीश चंबा रमणीक शर्मा की अदालत ने सुनाया फैसला
अदालत ने 25 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर दी जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज पेश करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चंबा रमणीक शर्मा की अदालत ने 25 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर जमानत दी है।
कांगड़ा जिले के अशोक कुमार के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज है। एक साल बाद आरोपी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर अपने वाहन को न्यायालय से छुड़वाया। पुलिस ने दलील दी है कि यह वाहन एक महिला के नाम पर दर्ज है। मामले में महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जाली उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के आधार पर न्यायालय से वाहन छुड़वाया। पुलिस ने तर्क दिया कि महिला और पुरुष ने आपराधिक साजिश रचकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। पुलिस ने जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज करने की प्रार्थना की है कि जमानत याचिकाकर्ता से पूछताछ की जानी आवश्यक है। आरोपी में कहा कि वह निर्दोष और कानून का पालन करने वाला नागरिक है। उसने दावा किया कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है और उसका आपराधिक गतिविधियों से कभी कोई संबंध नहीं रहा है। कुछ शत्रुतापूर्ण कारणों से उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय ने पक्ष-विपक्ष के सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को 25 हजार रुपये जमानत मुचलके पर जमानत दी है।