चंबा जिला में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2015 में करीब 115 सड़क हादसे हुए। इनमें करीब 88 लोगों की मौत हुई जबकि 169 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घायल लोगों में से कई लोग ऐसे भी हैं जो हादसों की वजह से चलने फिरने में असमर्थ हो चुके हैं। पिछले वर्ष हुए 115 सड़क हादसों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं चंबा थाना के अंतर्गत हुई हैं।
कई दुर्घटनाओं के पीड़ितों को अभी तक मुआवजा भी नसीब नहीं हुआ है। सड़क हादसों का मुख्य कारण त्योहार के दिनों में निजी बसों में की जाने वाली ओवर लोडिंग भी है। चंबा जिला के ऐतिहासिक मिंजर मेला व मणिमहेश यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा वाहन हादसे होते हैं। इन हादसों में कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। मिंजर व मणिमहेश यात्रा के दौरान निजी बसों में ठूस-ठूस कर सवारियां भरी जाती है।
इसके अलावा कई माल वाहक वाहन बेखौफ सवारियां ढोते रहते हैं। बसों में ज्यादा ओवरलोडिंग होने से कई बार चालक बस से अपना नियंत्रण खो बैठता है जिससे चंबा में कई बड़े बस हादसे हो चुके हैं। अभी तक जिला प्रशासन बसों में त्योहारों के दौरान होने वाली ओवर लोडिंग पर अंकुश नहीं लगा सका है। कुछ वर्ष पूर्व मिंजर मेले के दौरान धुलाड़ा व सनवाल सड़क पर बड़े बस हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में सैकड़ों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।
उधर, डीएसपी वीर बहादुर सिंह ने बताया कि निजी बसों में ओवर लोडिंग करने वालों के पुलिस द्वारा समय-समय पर चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा त्योहार के दिनों में ओवर लोडिंग करने वाले बस चालकों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है।