हर माह बिल जमा कराने कार्यालय पहुंचते रहे लोग, विभाग कहता रहा अभी बिल नहीं आया
जनहित संगठन ने पूछा- डेढ़ साल तक बिल नहीं देने की जिम्मेदारी उपभोक्ताओं पर क्यों
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पानी की एक-एक बूंद का हिसाब उपभोक्ताओं से लेने वाले जल शक्ति विभाग ने डेढ़ साल का पानी और सीवरेज शुल्क एक साथ थमा दिया है। लंबे अंतराल के बाद हजारों रुपये के बिल मिलने से उपभोक्ताओं पर अचानक आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
चंबा जनहित संगठन ने इसे लेकर सरकार और विभाग से जवाब मांगा है कि जब बिल हर माह जारी किया जाना था तो डेढ़ साल तक उपभोक्ताओं को बिल क्यों नहीं दिए गए।
जनहित संगठन के संयोजक शादी लाल शर्मा ने कहा कि उपभोक्ता हर माह पानी और सीवरेज का बिल जमा कराने विभागीय कार्यालय पहुंचते रहे, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता था कि अभी बिल नहीं आए हैं। अब लंबे समय का बिल एक साथ भेजे जाने से लोगों के सामने बड़ी रकम जमा कराने की मजबूरी खड़ी हो गई है।
उन्होंने कहा कि कई परिवारों को चार से पांच हजार रुपये तक का बिल मिला है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी राशि एक साथ जमा करवाना मुश्किल है। उनका कहना है कि विभागीय स्तर पर बिल जारी करने में हुई देरी का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना उचित नहीं है।
शर्मा ने कहा कि अब विभाग उपभोक्ताओं को पानी के मीटर लगाने के निर्देश दे रहा है और निजी कंपनी से मीटर लेने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसकी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की।