खजुआ पंचायत के एक दर्जन गांवों को नहीं मिली सड़क
सड़क तक पहुंचने के लिए तय करना पड़ता है आठ से दस किलोमीटर का पैदल सफर
बीमारी की हालत में पीठ या पालकी में उठाकर लाने पड़ते हैं मरीज
फसलें भी समय पर मंडियों में नहीं पहुंचने से उठाना पड़ता है नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल की खजुआ पंचायत के एक दर्जन गांव सात दशक बाद भी सड़क से कोसों दूर हैं। ग्रामीणों, मरीजों, गृहिणियों और बच्चों को शहवा से बाड़ा के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल सफर कर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे पीठ पर या पालकी में ऊबड़-खाबड़, संकरे मार्ग से सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ जाते हैं।
खजुआ पंचायत के बाड़ा, कैइया, बुलवास, भडकवास, खजुआ, श्रीगढ़, लुहारोग, सरगढ़, कंडोग और गोठा आदि गांवों में आज तक सड़क नहीं पहुंची है। ग्रामीणों के अनुसार तीन वर्ष पूर्व चुराह के विधायक हंसराज ने शहवा से भड़कवास तक दो किलोमीटर पहाड़ों को कटवा कर सड़क का निर्माण करवाया था। इससे आगे भड़कवास से बाड़ा तक करीब 8 किलोमीटर सड़क बननी शेष है। सड़क न होने से क्षेत्र की 2500 की आबादी को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों को शहवा से रोजमर्रा का सामान, गृह निर्माण सामग्री 300 रुपये देकर खच्चरों या पीठ पर उठाकर घर पहुंचानी पड़ती है।
लाल चंद ठाकुर, गोपाल सिंह, सुभाष कुमार और योगराज ने बताया कि सड़क न होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों को तीसा तक पैदल सफर करना पड़ता है। इन गांवों में फ्रासबीन, आलू, मटर और सेब समेत सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है। तुड़ान के बाद समय पर फसल मंडियों में नहीं पहुंचने से नुकसान उठाना पड़ता है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगेंद्र शर्मा ने बताया कि विभागीय टीम को मौके पर भेजकर सड़क संबंधी सर्वे करवाकर आगामी प्रयास किए जाएंगे।