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आरबीआई गवर्नर के नाम पर ठगी

Sat, 26 Jul 2014 05:30 AM IST
Chamba
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चंबा। लोगों को लाटरी लगने का झूठा लालच देकर ऑनलाइन ठगी करने वालों ने अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के नाम व आरबीआई की खबरों को जोड़ कर ठगी का तरीका इजाद किया है। यह ऑनलाइन ठग पहले तो नामी कंपनियों का लोगो इस्तेमाल करके लोगों को मेल या मोबाइल पर मेसेज भेज कर मोटी रकम का इनाम नाम मिलने या लॉटरी लगने की सूचना भेजते थे। अगर कोई इनके जाल में फंस जाता था, तो उसे इनाम राशि के बदले विदेशी करंसी ट्रांसफर करने के नाम पर भारी भरकम राशि की डिमांड करते थे। इस राशि को ये देश में ही मौजूद अपने एजेंटों के फर्जी खातों में ट्रांसफर करने की बात करते थे। जो कोई इनाम या लॉटरी के लालच में इनके चंगुल में फंसता है, उसे तो ये लूटते आ रहे हैं, मगर अब इन्होंने अपने इस धंधे को और बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर की फोटो व बैंक की साइट का लोगो इस्तेमाल करके मेसेज भेजने शुरू कर दिए हैं। करीब दो-तीन सालों से सक्रिय इस गिरोह पर अभी तक न तो भारत सरकार और न ही रिजर्व बैंक कोई ठोस कार्रवाई कर सका है। ऐसे मेल भेजने वालों से संकर्प साधने की कोशिश की गई तो ठगी का जाल बुनने वाले विदेशी ठग ने पहले मेल भेज कर ईनाम की रकम ट्रांसफर करने के लिए हजारों रुपये की राशि अपने बैंक अकाउंट में डलवाने को मेल डाले। जब बात न बनी तो दिल्ली एयरपोर्ट में इससे जुडे़ दस्तावेज लेने के लिए एक विदेश एजेंट से मिलने को कहा गया। जब इससे नहीं मिले, तो इसने मोबाइल नंबर पर फोन किया और अपने भारत के साथी से भी फोन करवाया। इस तरह यह तो पता चला है कि ठगी के इस गिरोह में भारतीय शातिरों को भी शामिल किया गया है। लंबे समय बाद इस ठग गिरोह ने अब आरबीआई के गवर्नर के नाम पर मेल भेजने का काम शुरू कर दिया है। इसमें बैंकों में जमा अनक्लेम्ड राशि का हवाला देकर इनामी रकम लेने का लालच दिया जा रहा है। ई-मेल पाने वाले को फंसाने के लिए कई तरह के मेल आईडी व कुछ जानेमाने लोगों के नामों व इनकी फर्जी मेल आईडी का इस्तेमाल करके जाल बुना जा रहा है।
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इंसेट....
एसपी चंबा डीके चौधरी ने बताया कि ऐसे गिरोह लंबे समय से सक्रिय हैं। इनके तार विदेशों से जुड़े होने के कारण स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करना मुमकिन नहीं है। उन्हाेंने इस तरह के ईनामी राशि वाले ई-मेल व मेसेजों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि कई लोग इनकी ठगी का शिकार हो चुके हैं। हर व्यक्ति को जागरूक होने की जरूरत है। किसी को भी अपना बैंक अकाउंट नंबर व इससे जुड़ी गोपनीय जानकारी न दें।
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