चंबा। जिला के शक्तिपीठ भलेई माता मंदिर से मां की प्रतिमा व जेवर चुराने का प्रयास किया गया है। हालांकि चोर मंदिर से कुछ नकदी चुरा कर ले गए हैं, मगर मंदिर के चौकीदार के समय रहते जगने से प्रतिमा व जेवरात चोरी होने से बच गए हैं। चोरी की यह घटना शनिवार देर रात के बाद डेढ़ बजे हुई। मंदिर के चौकीदार से हाथापाई व शोर मचाए जाने के बाद चोर भागने में तो सफल हो गए, मगर इस दौरान वह अहम सुराग पीछे छोड़ गए हैं। पुलिस इसके माध्यम से चोरों को तलाशने में जुट गई है। जिले के बड़े धार्मिक स्थल पर चोरी की सूचना मिलते ही उपायुक्त संदीप कदम भी मंदिर में पहुंचे और मौके का मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को जल्द से जल्द चोरों को दबोचने के निर्देश दिए हैं। वहीं सूचना मिलते ही एसएचओ खैरी जगदीश चंद ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। उन्होंने बताया कि चोरों की तलाश में पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं। जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा। मंदिर कमेटी के प्रधान कमल ठाकुर ने बताया कि चोरों ने मंदिर से करीब तीन हजार की नकदी चुराई है। चौकीदार की मुस्तैदी के चलते चोरों से भागते समय माता की मूर्ति का मुकुट भी मंदिर परिसर में गिर गया। इसे मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने मूर्ति पर स्थापित कर दिया है। डीएसपी हेडक्वार्टर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज करके चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
दो ताले तोड़कर पहुंचे थे गर्भगृह में
चोर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा एक अन्य गेट का ताला तोड़ कर गर्भगृह में पहुंच गए थे। यहां वे माता की प्रतिमा से जेवरात व नकदी चुराने के बाद प्रतिमा को निकालने में जुटे हुए थे। तभी मंदिर में लेटे चौकीदार दौलत राम को उनकी आहट सुनाई दी और वह चोरों को पकड़ने भागा। मंदिर में चोरी कर रहे चार लोगों में से उसने एक को दबोच लिया और उसके साथ हाथापाई हुई। चोरों से जूझते हुए चौकीदार को एक चोर ने हाथ पर डंडे का प्रहार भी किया है। जिससे उसे मामूली चोट लगी है।
मंदिर कमेटी की लापरवाही आई सामने
चंबा। भलेई माता मंदिर में चोरी मामले में मंदिर कमेटी की लापरवाही सामने आई। सरकार व पुलिस द्वारा प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में चोरी की संभावना को लेकर जारी की गई एडवाइजरी को भलेई मंदिर कमेटी ने गंभीरता से नहीं लिया है। चोरी की इस बड़ी व अब तक की दूसरी वारदात के बाद पता चला है कि मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे काम ही नहीं कर रहे थे। कमेटी ने मंदिर में सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं किया। हालांकि चौकीदार की व्यवस्था के चलते बड़ी घटना टल गई है, मगर सीसीटीवी फुटेज न होने के कारण पुलिस के हाथ एक पुख्ता साक्ष्य आने से रह गया। पता चला है कि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, मगर पिछले दिनों ही इनका रिकार्डिंग सिस्टम खराब हो गया था। विज्ञापनों पर लाखों रुपये उड़ाने वाली मंदिर कमेटी इसे ठीक नहीं करवा पाई थी। मौके पर पहुंचे उपायुक्त संदीप कदम ने इस सिस्टम को जल्द ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि चोरी के समय मंदिर के सीसीटीवी कैमरे रिकार्ड नहीं कर रहे थे। इनका स्टोरेज सिस्टम बिजली गिरने से अभी दो दिन पहले ही खराब हो गया था।