चंबा। जिले के सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक स्तर काफी गिर गया है और बच्चे पढ़ाई-लिखाई में पिछड़ रहे हैं। यह खुलासा चंबा दौरे पर पहुंची सर्वशिक्षा अभियान की स्टेट मानीटरिंग टीम के निरीक्षण के दौरान हुआ है। चार दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे एसएसए के प्लानिंग कोआर्डिनेटर बीआर चौहान, स्टेट टीचर ट्रेनर मंजूला शर्मा और सुबरा बनर्जी ने जिले के दर्जनों स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान स्कूली बच्चों का शैक्षणिक स्तर परखने के लिए जब बच्चों से सवाल पूछे तो वह आसान सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा जब बच्चों की लिखाई को चेक किया तो इसमें भी उनका स्तर काफी निम्न आंका गया। इस पर स्टेट मानीटरिंग टीम ने चिंता व्यक्त की है। स्टेट मानीटरिंग टीम ने बनीखेत, डलहौजी, सूलणी व चंबा खंड के अलावा भरमौर के स्कूलों का दौरा किया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी विद्यालय किहार व हिमगिरी का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मानीटरिंग टीम ने स्कूलों की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। परियोजना अधिकारी एमके मिन्हास ने बताया कि जल्द इस संबंध में ब्लॉक व जिला स्तर के परियोजना अधिकारियों व शिक्षा खंड अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
गिरते शिक्षा स्तर को शिक्षक ठहराए जिम्मेदार
सरकारी स्कूलों में गिर रहे शैक्षणिक स्तर के लिए शिक्षक को जिम्मेदार माना जा रहा है। शिक्षकों की लापरवाही के कारण स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। स्टेट मानीटरिंग टीम के निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों के शिक्षकों के सतत समग्र मूल्यांकन के दौरान भी लापरवाही सामने आई है। शिक्षकों द्वारा प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड दुरुस्त नहीं किए थे। इस पर स्टेट टीम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षकों को चेतावनी दी है कि भविष्य में प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड को दुरुस्त करें। उन्होंने कहा कि जब तक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड सही नहीं होंगे, तब तक स्कूलों के शैक्षणिक स्तर का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।