तीसा (चंबा)। तीसा में शनि ग्रह की क्रूर दृष्टि ने तीन चचेरे भाइयों को मौत की नींद सुला दिया है। तीसा-पांगी मार्ग पर कालाबन में हुए दर्दनाक हादसे में तीन चचेरे भाइयों की मौत से डिकरयूंड गांव में मातम पसर गया है। पिकअप दुर्घटना में एक जेबीटी शिक्षक व दो दुकानदारों की मौत गांववासियों को गहरे जख्म दे गई है। इस हादसे में मारे गए भगत सिंह व कर्ण सिंह पेशे से दुकानदार थे, जबकि बोधराज प्राइमरी स्कूल बतोटी में बतौर जेबीटी शिक्षक तैनात था। तीनों युवक छिंज मेले में लोगों को ठंडा पानी पिलाने के मकसद से सतरूंडी के ग्लेशियर से बर्फ लाने गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो मेले में पानी की छबील लगाकर या लोगों को ठंडा पानी पिलाना शुभ माना जाता है। भगत सिंह की माता का 20 दिन पूर्व ही निधन हुआ था। साथ ही बोधराज के पिता का भी तीन माह पहले निधन हुआ था। इसी कारण ये लोग भंजराडू में छिंज मेले में लोगों को ठंडा पानी पिलाने और बर्फ खिलाने के लिए सुबह की बर्फ लाने सतरुंडी निकल गए थे, लेकिन वहां से वापस नहीं आए। पिकअप दुर्घटना की खबर बतोटी स्कूल में पहुंची तो वहां पर स्कूली बच्चों सहित शिक्षकों की आंखें भी नम हो गईं पिकअप दुर्घटना में सड़क की बदतर हालत को भी जिम्मेवार माना जा रहा है। इस तंग मार्ग पर तारकोल भी नहीं बिछी है। इसी मार्ग पर डेढ़ वर्ष पूर्व एक कमांडर हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी है। भंजराडू पंचायत की प्रधान कृष्णा महाजन ने हादसे पर दुख प्रकट किया है।
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छिंज मेला भी किया रद्द
छिंज मेला कमेटी भंजराडू के अध्यक्ष योगिंद्र पाल शर्मा ने बताया कि जैसे ही पिकअप हादसे की खबर मिली। छिंज मेले को रद्द करने का निर्णय लिया गया। छिंज मेला देखने के लिए भंजराडू में काफी संख्या में लोग आए हुए थे।
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वनमंत्री ने हादसे पर जताया दुख
चंबा। वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कालाबन में हुए पिकअप हादसे पर शोक व्यक्त किया है वनमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद मुहैया करवाई जाए। उन्होंने मैहला हादसे पर भी दुख जताया है।