चंबा। मैहला ब्लाक की सुनारा पंचायत में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में 7.37 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। ये गड़बड़ियां पंचायत के तागी वार्ड सदस्य सोरमा राम की शिकायत पर बिठाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई हैं। यह रिपोर्ट आगामी कार्यवाही के लिए एडीएम चंबा को सौंपी गई है। इसके साथ पंचायत के प्रधान की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। साथ ही इस रिपोर्ट में पंचायत के जेई और सचिव पर भी कर्तव्य का निर्वाह न करने की टिप्पणी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगने की अनुशंसा की गई है। अब सबकी निगाहें एडीएम चंबा के आदेशों पर टिकी हुई हैं।
सुनारा पंचायत में हुई गड़बड़ी की जांच के संबंध में पंचायत के पूर्व प्रधान प्रवीण चौहान ने आरटीआई से जांच संबंधी जानकारी मांगी थी। इस पर जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय ने उन्हें जांच रिपोर्ट की दो प्रतियां सौंपी हैं। इसके अनुसार जिला पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में डीआरडीए के भटियात खंड के सहायक अभियंता और एचडीएम के अलावा मैहला ब्लाक के पंचायत उपनिरीक्षक की चार सदस्यीय कमेटी ने 16 मार्च को जांच पूरी कर ली है। इसमें अध्यापक हास्टल सुनारा के 17 लाख के काम में चार लाख 57 हजार 135 रुपये और मझाटा स्कूल के 1.70 लाख के मरम्मत के कार्य में एक लाख, 45 हजार 527 रुपये की गड़बड़ी पाई है। वहीं मनरेगा के तहत ही बनाए गए आंगनबाड़ी भवन सुनारा को जांच कमेटी ने असुरक्षित घोषित किया है। इसके निर्माण पर 1.35 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इन कार्र्यों में हुई गड़बड़ियों से संबंधित राशि पंचायत प्रधान से वसूलने की अनुशंसा की है। यह राशि सात लाख 37 हजार 662 रुपये बनती है। कमेटी ने प्रधान के अलावा पंचायत के कनिष्ठ अभियंता और पंचायत सचिव पर भी काम में लापरवाही बरतने की बात अपनी रिपोर्ट में लिखी है। इस संबंध में इन दोनों से स्पष्टीकरण मांगने की अनुशंसा की गई है। इस संबंध में पंचायत के पूर्व प्रधान प्रवीण चौहान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में पंचायत प्रधान को जल्द पद से हटाकर उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उधर, जिला पंचायत अधिकारी रमेश कुमार ने जांच की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए एडीएम को भेज दी है। एडीएम अश्वनी कुमार ने कहा कि रिपोर्ट मिलने पर वह आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएंगे।
क्या कहना है पंचायत प्रधान का
पंचायत प्रधान रमेश ठाकुर ने जांच समिति से कहा है कि उनके द्वारा करवाए गए कार्यों को नियमानुसार करवाया जा रहा है और सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। फिर भी जांच कमेटी को लगता है कि इनमें कोई त्रुटि है, तो वे इसे पूर्ण कर देंगे।