डायलिसिस केंद्र शुरू नहीं होने पर कंपनी को नोटिस जारी
चिकित्सा अधीक्षक ने कंपनी की लेटलतीफी पर मांगा जवाब, किडनी रोगी झेल रहे दिक्कतें
21 जनवरी को होना था केंद्र का शुभारंभ, डॉक्टर के इंकार करने से टला
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर को शुरू करने में हो रही देरी को लेकर चिकित्सा अधीक्षक ने संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है। कंपनी ने 21 जनवरी को केंद्र को चालू करने का दावा किया था। मगर ऐन मौके पर कंपनी ने नियुक्त डॉक्टर ने ज्वाइन करने से इंकार कर दिया। इस वजह से जिले के किडनी रोगियों को आज भी डायलिसिस करवाने के लिए जिले से बाहर जाना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक ने कंपनी की कारगुजारी के बारे में एनएचएम के डायरेक्टर को भी अवगत करवाया है। नोटिस के मुताबिक कंपनी को जल्द ही डॉक्टर की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा कंपनी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस सेंटर में तीन डायलिसिस मशीनें स्थापित हो चुकी हैं। मगर उन मशीनों को चलाने के लिए कंपनी को कोई भी डॉक्टर नहीं मिल रहा है। डॉयलिसिस सेंटर में एक नेफ्रोलॉजिस्ट और एक एमडी होना चाहिए। उनके स्थान पर एमबीबीएस डॉक्टर को भी नियुक्त किया जा सकता है। बशर्ते एमबीबीएस डॉक्टर को डायलिसिस करने का कम से कम एक वर्ष का तजुर्बा होना चाहिए। डायलिसिस सेंटर के शुभारंभ की खबर फैलने के बाद किडनी रोग से ग्रसित मरीज डायलिसिस करवाने को मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे थे। मगर डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को वापिस भेजा जा रहा है। पिछले दो दिनों में एक दर्जन मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। सेंटर में डॉक्टर नियुक्त करने को लेकर कंपनी डॉक्टर को सैलरी के रूप में एक लाख रुपये का ऑफर दे रही है। मगर कोई भी डॉक्टर सेंटर को ज्वाइन करने को तैयार नहीं हो रहा है। चंबा के सेवानिवृत्त डॉक्टरों से भी कंपनी संपर्क कर रही है। मगर सेवानिवृत्त डॉक्टर भी निजी क्लीनिकों को छोड़ने को तैैयार नहीं हैं। मगर ऐसे में किडनी रोगियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। केंद्र के शुरू नहीं होने से उन्हें अभी भी डायलिसिस करवाने के लिए जिले से बाहर जाना पड़ रहा है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर केंद्र को जल्द शुरू करने को कहा है।
इनसेट
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि डायलिसिस सेंटर को शुरू करने के लिए संबंधित कंपनी को नोटिस भेजा गया है। इसके साथ ही एनएचएम के डायरेक्टर को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। डायलिसिस सेंटर में डॉक्टर उपलब्ध करवाना कंपनी की जिम्मेवारी है।